- बेनियम कार्य पद्धति का करेंगे प्रतिकार, उत्पीड़न हो समाप्त
- दो अगस्त से समस्त जूनियर इंजीनियर्स एवं प्रोन्नत अभियंता रहेंगे आंदोलन पर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रबंधन पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन, मेरठ ने सोमवार से वर्क टू रूल के सिद्धांत पर आंदोलन शुरू करते हुए बेनियम पद्धति का प्रतिकार करने की घोषणा की।
विक्टोरिया पार्क स्थित एकता सदन में एक बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा प्रबंधन की ओर से न्यायपरक आदेश जारी न किए जाने एवं अवर अभियन्ताओं, प्रोन्नत अभियंताओं और पदाधिकारियों को चिन्हित कर उनका उत्पीड़न शुरू कर दिया गया है।
चेतावनी दी गई कि यह उत्पीड़न समाप्त न किए जाने की दशा में घोषित संघर्ष कार्यक्रम दो अगस्त से समस्त जूनियर इंजीनियर्स एवं प्रोन्नत अभियन्ता आंदोलन करेंगे। जिसके अंतर्गत पहले दिन मुख्य अभियंता कार्यालय पर सांकेतिक धरना दिया जाएगा। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन मेरठ के जनपद अध्यक्ष इंजीनियर मुकेश यादव एवं इंजीनियर आशुतोष शर्मा ने बैठक में आरोप लगाया कि ऊर्जा प्रबंधन की ओर से अपनी प्रबंधकीय कमियों एवं नियमों के विपरीत जारी आदेशों पर पर्दा डालने की मंशा तथा उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों से सरकार का ध्यान भटकाने के लिए अवर अभियंताओं प्रोन्नत अभियंताओं एवं अन्य विद्युत कर्मियों के विरुद्ध लगातार मनमाने तरीके से कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि संसाधनों के घोर अभाव में भी यह अवर अभियन्ता/प्रोन्नत अभियन्ता संवर्ग के स्तर से प्रदेश सरकार के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए दोगुनी मेहनत और ईमानदारी से कार्य करने के बाद भी उन्हें उत्तर प्रदेश पावर कापोर्रेशन द्वारा पूर्व से प्राप्त हो रहे एसीपी व्यवस्था को कमतर किए जाने, जूनियर इंजीनियर के वेतन दीर्घा में नॉन फंक्शनल ग्रेड वेतन 4800 रुपये को समाप्त न किए जाने के न्यायोचित प्रकरणों पर संगठन की ओर से ऊर्जा प्रबंधन का बार-बार ध्यानाकर्षण कराए जाने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
संगठन के अंचल सचिव इंजीनियर आरए कुशवाहा ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) से प्रभावी हस्तक्षेप कर संवर्ग को न्याय दिलाने का अनुरोध किया है। जिससे ऊर्जा क्षेत्र में जारी गतिरोध से उत्पन्न औद्योगिक अशांति को समाप्त किया जाना सम्भव हो सके। बैठक में जिला उपाध्यक्ष मुकेशपाल, प्रचार सचिव जोगेन्द्र सिंह, वित्त सचिव उग्रसेन यादव आदि ने विचार रखे।

