जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: भारतीय रोड कांग्रेस के 81वें वार्षिक सत्र में सोमवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के सचिवों, सचिवों (पीडब्ल्यूडी), इंजीनियर-इन-चीफ, मुख्य अभियंता की बैठक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हुई। बैठक के एजेंडे में निम्न बिंदुओं पर चर्चा हुई।
1-एनएच (ओ) परियोजना के लिए अप्रैल 2022 तक बैंकों ने 1 लाख 39 हजार 510 करोड़ का लोन राज्य सरकारों को दिया। सड़क सुरक्षा समेत अन्य कार्यों के लिए वित्तीय संस्थानों ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 83,690 करोड़ रुपये का कर्ज राज्य सरकारों-केंद्रशासित प्रदेशों को मंजूर किया है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण को गति देने के लिए राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बैंक लोन की तय मंजूरी सीमा में इजाफा करने का अनुरोध किया है।
2- 2020 में लाई गई ठेका आधारित रखरखाव प्रणाली के तहत मंत्रालय ने राज्य सरकारों व संघ राज्य क्षेत्रों को सौंपे गए राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों के रखरखाव का निर्देश दिया है। इन सरकारों को कॉन्ट्रैक्ट के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत में तेजी लाने को कहा गया है ताकि 2022-23 से अनुबंध के तहत रखरखाव किया जा सके।
3- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने रेल मंत्रालय के साथ बातचीत कर रेल ओवरब्रिज (आरओबी) और रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) के निर्माण के लिए त्रिपक्षीय समझौते को अंतिम रूप दिया है। इससे पहले सेतु बंधन योजना के तहत तैयार होने वाले इन निर्माणों पर रेल मंत्रालय ने विचार नहीं किया था।
4-हाल ही में मंत्रालय ने हाइवे और पुलों के निर्माण में अल्ट्रा हाई फाइबर रिइन्फोपर्स्डव कंक्रीट (यूएचपीएफआरसी) के प्रयोग करने को मंजूरी दी है। आईआरसी ने राजमार्गों के निर्माण में नई चीजों और नवीनतम तकनीकों के इस्तेमाल को मंजूरी दी है। इनमें लाल मिट्टी, जिओ टैक्सटाइल, न्यूट्रलाइज, मैटलर्जिकल स्लैग, फास्फोजिप्स्म वेस्ट मैटेरियल आदि आते हैं। बता दें कि मंत्रालय ने बीते जून माह में यूएचपीएफआरसी और फैक्टरी निर्मित प्री-कास्ट कंक्रीट के उपयोग पर कार्यशाला भी आयोजित की थी। इसमें सरकारी अधिकारियों, ठेकेदारों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं,निर्माताओं, सलाहकारों (डिजाइनरों/एई/आईई) और अकादमिक सहित सभी भागीदार मौजूद रहे। अब राज्यों से कहा गया है कि सड़क निर्माण में वे इन सामग्रियों व तकनीकों का इस्तेमाल कर उनके फीडबैक से अवगत कराएं।
5-एनएच कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए हानिरहित परीक्षण उपकरणों से मोबाइल निरीक्षण वैन (एमआईवी) शामिल करने के प्रयास हो रहे हैं। एमआईवी से प्राप्त आंकड़ों की गुणवत्ता की निगरानी का जिम्मा एनआईसी को सौंपा जाएगा। इस उद्देश्य से एनआईसी एक पोर्टल भी तैयार कर रहा है। पायलट प्रोजेक्ट पर देश के चार राज्यों राजस्थान, गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक को लिया गया है। इस संबंध में सभी राज्य सरकारों और क्षेत्रीय अधिकारियों से सहयोग करने का अनुरोध किया गया।
6-एमओआरटीएच के लिए बीआईएसएजीएन नेशनल मास्टर प्लान (एनएमपी) पोर्टल तैयार कर रहा है। पीएम गति शक्ति इनिशिएटिव के तहत इस पोर्टल में रेलवे, दूरसंचार, एमओएचयूए, एमओपीएनजी,एमओईएफ जैसे अन्य मंत्रालयों के डाटा भी अपलोड किए जाएंगे। ताकि भूमि और वन विवरण की अपलोड की गई जानकारी के आधार पर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने में मदद मिल सके। इसलिए एनएमपी पोर्टल पर अधिकारियों के लॉगिन क्रेडेंश्यिल्स बनाए गए हैं।
7-हाल ही हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने बाढ़ की तैयारी के मद्देनजर मानसून से पहले खराब राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य मार्गों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकारों को आईआरसी कोड और विशेष प्रकाशनों के तहत मानसून के दौरान मरम्मत कार्य सुनिश्चित कराने को भी कहा गया था। बैठक में राज्यमार्गों और अन्य सड़कों के लिए भी अग्रिम तैयारी के निर्देश दिए गए।
8-पीएमआईएस के साथ NSV/FWD सर्वे डेटा को एकीकृत करने के लिए RAMS पोर्टल को अपग्रेड करने का काम अंतिम चरण में है। सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को नेशनल हाइवे के विस्तार के लिए एनएसवी डाटा जुटाने के काम में सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है। खासकर उन राष्ट्रीय राजमार्गों का ब्योरा तुरंत देने का अनुरोध किया गया है। जो किसी भी चल रहे कार्य, पूर्ण कार्य के डीएलपी, तीन साल से कम की मध्यम अवधि के अनुबंध रखरखाव में नहीं आते।
9-करीब 6230 किमी लंबे नेशनल हाइवे को एनओसी के अभाव में संबंधित राज्य सरकारों की सुपुर्दगी में नहीं दिया जा सका है। इस संबंध में संबंधित राज्य सरकारों-केंद्र शासित प्रदेशों को नये घोषित राष्ट्रीय राजमार्गों को सौंपे जाने के लिए जरूरी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने में तेजी लाने का अनुरोध किया गया।
बैठक में एसके निर्मल डीजी ( आरडी ) एसएस एवं महासचिव आईआरसी, नरेन्द्र भूषण प्रमुख सचिव लोकनिर्माण विभाग उप्र, आरके पांडेय सदस्य (एनएचएआई ), धर्मेंद्र सारंगी एडीजी एमओआरटीएच, सुदीप चौधरी, सीई योजना, यूपीपीडब्ल्यूडी से संदीप कुमार ईएनसी, अरविंद कुमार जैन ईएनसी सहित देश के सभी प्रदेशों के लोनिवि के मुख्य अभियंता मौजूद रहे।

