जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध कॉलोनियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्राधिकरण सचिव प्रवीणा अग्रवाल ने जोन प्रभारियों से अवैध कालोनियों की सूची तलब की है, जिसमें कहा गया है कि जो नवीन कॉलोनी अवैध तरीके से विकसित की जा रही है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। इन अवैध कालोनियों की सूची मिलने के बाद इनकी रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए एआईजी स्टांप को लिखा जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद ही अवैध कालोनियों पर अंकुश लगना संभव है। क्योंकि अवैध कार्यों में कॉलोनियों को विकसित कर बिल्डर प्लाटिंग कर बेचकर चले जाते हैं और बाद में भोली-भाली जनता परेशान रहती है। एक नहीं, ऐसे बहुत सारे मामले एमडीए अधिकारियों के सामने आते रहते हैं।
हाल ही में कंकरखेड़ा की छह अवैध कालोनियों की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से एआईजी स्टाम्प ने रोक लगा दी है। ये कार्रवाई एमडीए सचिव के पत्र पर की गई है। एडीएम वित्त ने भी एआईजी स्टाम्प को भी लिखा था। इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनाइजरों में हड़कंप मचा हुआ है। कंकरखेड़ा, गढ़ रोड, गंगानगर व हापुड़ रोड पर अवैध कॉलोनियां विकसित की जा रही है। बिजली बंबा बाइपास पर भी इस तरह की कई कॉलोनियां विकसित कर दी गई है। इनको कौन विकसित करके चला गया, यह भी मालूम नहीं है।
ऊर्जा निगम को भी लिखा पत्र
एमडीए सचिव प्रवीणा अग्रवाल ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को भी पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि अवैध कॉलोनियों को बिजली कनेक्शन नहीं दिया जाए। बिजली कनेक्शन सिर्फ एमडीए से स्वीकृत कॉलोनियों को ही दिया जाए। इस तरह के पत्र वैसे तो पहले भी लिखे जाते रहे हैं, मगर इन पर ऊर्जा निगम ने कभी अमल नहीं किया। राजनीतिक दलों के दबाव में कनेक्शन लगते रहे हैं।

