Tuesday, March 17, 2026
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मेडिकल के डाक्टरों ने घायल को बताया मृत, हंगामा

  • संगीत सिखाने वाले पिता-पुत्र को ट्रक ने रौंदा
  • पिता की मौके पर ही मौत, घायल बेटे को बताया मृत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मेडिकल में लापरवाही की इंतहा का एक और मामला सामने आया जब इमरजेंसी के डाक्टरों ने हादसे में घायल युवक को मृत बता दिया। स्थानीय लोगो के हंगामे के बाद मौके पर पहुंचे सीनियर डाक्टर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए लापरवाह डाक्टरों को फटकार लगाई तब जाकर घायल का इलाज हुआ। बुधवार को जागृति विहार के 608/6 निवासी म्यूजिक टीचर गोविंद दास बेटे आमोल दास के साथ टीपी नगर में बच्चों को संगीत सिखाने जा रहे थे।

सुबह करीब साढ़े सात बजे जैसे ही पिता-पुत्र की बाइक शेखो पेट्रोल पंप के पास पहुंची तो सामने से आ रहे ट्रक चालक ने पिता-पुत्र की बाइक में जोरदार टक्कर मारकर फरार हो गया। हादसे में गोविंद दास (50) की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि उनका बेटा आमोल (19) गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना के बाद पड़ोस के रहने वाले राहुल ठाकुर साथियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और घायल आमोल को मेडिकल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, लेकिन इमरजेंसी के डाक्टरों ने घायल आमोल को मृत घोषित करते हुए इमरजेंसी में भर्ती नहीं किया।

इसके बाद स्थानीय लोगों ने इमरजेंसी के बाहर हंगामा कर दिया। हंगामे के दौरान मेडिकल के सीनियर डा. भानू प्रताप मौके पर पहुंचे और आमोल की जांच की तो पाया कि उसकी सांस चल रही है। इसके बाद डा. भानू ने इमरजेंसी में ड्यूटी पर मौजूद डाक्टरों को फटकार लगाई और उनसे तुरंत घायल का इलाज करने को कहा। गंभीर रूप से घायल आमोल का दोपहर दो बजे मेडिकल में आॅपरेशन किया गया जिसके बाद उसकी जान बच सकी।

वहीं, समाजसेवी राहुल ठाकुर ने आरोप लगाया कि मेडिकल में इलाज के नाम पर मरीजों की अनदेखी की जाती है। घायल को मृत बताकर मेडिकल के जूनियर डाक्टर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश करते हैं। मरीज के इलाज के दौरान बाहर से चालीस हजार की दवाइयां मंगवाई गई। जबकि पड़ोसियों ने चार युनिट खून दिया जिसके बाद आॅप्रेशन सफल हो सका।

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