Tuesday, February 24, 2026
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आत्मा को तपा कर ही उत्तम तप धर्म का पालन सम्भव

जनवाणी ब्यूरो |

नजीबाबाद: दशलक्षण पर्व के सांतवे दिन उत्तम तप धर्म का महत्व बताया गया और श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। पूजा के दौरान धर्मचर्चा में उत्तम तप की चर्चा की गई।

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि अपनी आत्मा को तपाना उत्तम तप कहलाता है। इन्द्रियों पर नियंत्रण करने की साधना का संदेश यह धर्म देता है। इसके अलावा माडला की भी विशेष पूजा अर्चना की गई।

शनिवार को श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में धर्मचर्चा करते हुए जिनेश्वर दास जैन, जितेन्द्र जैन व अजय ने अपने संबोधन मे कहा कि दश्लक्षण पर्व में अपनी आत्मा का कल्याण करने की साधना करनी चाहिए।

उन्होंने सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान व सम्यक चारित्र पर बल दिया। इसके अलावा श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में धर्मचर्चा करते हुए अपने संबोधन मे जिनेश्वर दास जैन ने कहा कि दश्लक्षण पर्व में अपनी आत्मा का कल्याण करने की साधना करनी चाहिए।

इससे पूर्व प्रात: सामूहिक पूजन का कार्यक्रम हुआ। सामूहिक पूजन में जिनेश्वर प्रसाद जैन, राजीव जैन, जितेन्द्र जैन, दीपक जैन, अजय जैन, नमन जैन, अनुभव जैन, आदि जैन, नवकार जैन, लोकेश जैन ने भागीदारी की। इस मौके पर माडला की विशेष पूजा की गयी।

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