जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरदार बल्लभ भाई पटेल मेडिकल अस्पताल में भर्ती मरीजों की जिंदगी से मेडिकल प्रशासन ने खतरे में डाल दिया है। मेडिकल स्टाफ के कुछ लोगों के परिजन कोरोना संक्रमित हैं, उनसे वार्ड में ड्यूटी कराई जा रही है। नियमानुसार ऐसी स्थिति में जहां परिवार में संक्रमित हों स्टाफ को वार्ड में ड्यूटी पर नहीं लगाया जा सकता है। लेकिन, स्टाफ नर्स उषा किरण के मुताबिक इनका बेटा कोरोना संक्रमित है और घर में ही उसको होम क्वॉरेंटाइन किया गया है।
अस्पताल प्रशासन ने उनकी ड्यूटी मेडिकल के आईटी वार्ड में लगा दी है। दूसरा मामला नर्स मरियम का है इनकी भी बेटी कोरोना संक्रमित है, उसकी हालत नाजुक है पर ड्यूटी पर बुलाया जाता रहा। वहीं दूसरी ओर कोरोना वार्ड में मेडिकल के जो डॉक्टर ड्यूटी कर रहे हैं ड्यूटी के बाद क्वॉरेंटाइन की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। डॉक्टर चाहते हैं पूर्व की भांति उन्हें होटल में रखा जाए, लेकिन मेडिकल प्रशासन ने बजट न होने की बात कही है।
इस संबंध में मेडिकल प्रधानाचार्य डॉ ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि प्राइवेट वार्ड में सभी के क्वॉरेंटाइन का इंतजाम किया है लेकिन, पता चला है कि प्राइवेट वार्ड की बजाय ज्यादातर जेआर हॉस्टल में ही रह रहे हैं। इससे हॉस्टल में उनके साथ रूम में रहने वाले दूसरे जेआर से संक्रमण फैलने की पूरी आशंका है। जबकि हेल्थ केयर वर्कर बजाए प्राइवेट वार्ड में क्वॉरेंटाइन होने की बजाय वह ड्यूटी के बाद अपने घर जा रहे हैं। मेडिकल प्रशासन का कहना है कि क्वॉरेंटाइन के लिए प्राइवेट वार्ड में जगह की गई है।

