Friday, March 20, 2026
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मिर्जापुर 1 और 2 से कमजोर मिजार्पुर-3

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भारत की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली वेब सीरीज मिजार्पुर का तीसरा सीजन रिलीज हो चुका है। इस सीरीज के पिछले दो सीजन को खूब पसंद किया गया था। मिजार्पुर 2 शानदार और कई सवालों के साथ खत्म हुआ था। इन्हीं सवालों के जवाब लेकर मिजार्पुर 3 आया है। मिजार्पुर 3 की कहानी इस बार बदले से ज्यादा मिजार्पुर की गद्दी के इर्द-गिर्द घूमती है। सीजन 3 में मिजार्पुर की गद्दी पर गुड्डू पंडित (अली फजल) बैठ तो गए हैं लेकिन पूर्वांचल के तमाम बाहूबली उन्हें उस लायक नहीं मानते। इस गद्दी को लेकर ही मिजार्पुर 3 की कहानी गढ़ी गई है।

मिजार्पुर 3 की कहानी सीजन 2 के बाद से शुरू होती है। जिसमें मुन्ना भैया (दिव्येंदु शर्मा) की मौत हो चुकी है लेकिन उनकी मुख्यमंत्री पत्नी माधुरी (ईशा तलवार) पति की मौत का बदला लेने के लिए अपने राजनीतिक हथकंडे अपना रही है। वहीं शरद (अंजुम शर्मा) पिता का सपना पूरा करने के लिए मिजार्पुर की गद्दी हथियाने के लिए राजनीति और बाहुबल जोड़ने में लगे हुए हैं। मिजार्पुर 3 की कहानी गोलू गुप्ता (श्वेता त्रिपाठी) से होती है जिसे घायल हो चुके कालीन भैया (पंकज त्रिपाठी ) की तलाश है। वहीं गुड्डू पंडित अपनी सनक और डर के दम पर मिजार्पुर की गद्दी पर बने हुए हैं।

पहले और दूसरे सीजन की तरह मिजार्पुर 3 में भी किरदारों का काफी भीड़ मौजूद है। ऐसे में मेकर्स ने किसी भी किरदार को पूरी तरह से दिखाने में कंजूसी की है। गुड्डू भैया के किरदार को अली फजल संभाले नजर आए लेकिन मिजार्पुर की गद्दी पर बैठने के बाद उनका किरदार कहीं-कहीं बचकाना लगता है। हर एपिसोड में मुन्ना भैया और कालीन भैया की कमी खलेगी। पंकज त्रिपाठी को इतना कम रोल दिया गया कि लगता है कि वह भी मिजार्पुर 3 में मर ही चुके हैं। बड़े त्यागी के तौर पर विजय राज ठीक दिखें हैं। वहीं रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी सहित अन्य कलाकारों ने ठीक-ठाक काम किया है।

यह सीरीज अपने वॉयलेंस और बाहुबल की कहानी पर चलती आई है। एनिमल जैसी फिल्म के दौर में मिजार्पुर 3 में पिछले दो सीजन की तुलना में वॉयलेंस काफी कम है। मिजार्पुर 3 की चमक वहीं कम हो गई जब इस सीरीज में मुन्ना भैया की मौत हो गई। वहीं सीजन तीन में मेकर्स ने कालीन भैया के किरदार को भी लगभग मरा हुआ ही पेश किया है। वह मिजार्पुर 3 में नजर तो आते हैं लेकिन सिर्फ ना बराबर। यह वेब सीरीज सिर्फ टिकी है तो साइड कलाकारों और गुड्डू भैया की सनक पर। एक समय के बाद मिजार्पुर 3 की कहानी इतनी बोरिंग लगने लगती है कि इसको फॉरवर्ड करके आगे देखने का मन करने लगता है।

मिजार्पुर 3 अपने दोनों सीजन के तुलना में काफी कमजोर है। ऐसा लगता है कि मेकर्स ने अगले सीजन के लिए सिर्फ इस सीरीज को बनाया है। क्योंकि पूरी सीरीज में सभी किरदारों को छोटा-छोटा रोल देकर उनका परिचय करवाया गया है। जिसके चलते मिजार्पुर 3 की कहानी बहुत बार भटकी हुई भी लगने लगती हैं।


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