Friday, March 20, 2026
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लिसाड़ी गेट से लापता युवक की हत्या

  • परतापुर पुलिस ने लावारिस में किया अंतिम संस्कार
  • 50 दिन पहले दोस्त घर से बुलाकर ले गये थे युवक को
  • परतापुर पुलिस और लिसाड़ी गेट पुलिस पर लगाये गंभीर आरोप

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र से 50 दिन पहले लापता युवक की तीन दिन बाद ही हत्या कर शव को रेलवे ट्रेक पर फेंक दिया गया। परतापुर पुलिस ने उस शव को आत्महत्या बताते हुए लावारिस में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। पिता ने उसके दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाया है।

लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र फतेहल्लापुर न्यू इस्लामनगर निवासी आस मोहम्मद पुत्र अख्तर को गत 16 सितम्बर को उसके दो दोस्त जावेद और राशिद घर से बुलाकर ले गये थे। पिता अख्तर ने 28 सितम्बर को थाना लिसाड़ी गेट पुलिस को आस मोहम्मद के लापता होने और उसे दोस्तों द्वारा घर से ले जाने की तहरीर दी थी। पुलिस ने परिजनों की तहरीर को गुमशुदगी में दर्ज कर तीस सितम्बर को यह बताया कि आपकी गुमशुदगी दज कर ली गई है।

पिता ने बताया कि उनका बेटा घर नहीं लौटा, लेकिन उसके दोनों दोस्त जावेद और राशिद 23 सितम्बर को ही घर पर आ गये थे। जब उनसे पूछा कि आस मौहम्मद कहा है, तो उन्होंने जवाब दिया था कि वह तो समा गया है। इस पर उन्होंने पुलिस से संपर्क कर तहरीर दी थी। पिता अख्तर ने बताया कि जब आस मौहम्मद घर नहीं आया तो उन्होंने 25 अक्टूबर को सीओ कोतवाली अरविन्द चौरासिया से मिले और पूरे मामले से अवगत कराते हुए एक तहरीर दी।

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सीओ ने तत्काल लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर को फोन कर आस मौहम्मद को बरामद करने के आदेश दिए थे, लेकिन जब कई दिन बीत गये वे फिर चार अक्टूबर को सीओ के पास गये और आस मोहम्मद के बारे में बरामद करने की बात की। सीओ ने लिसाड़ी गेट इंस्पेक्टर को आदेश दिये कि जावेद और राशिद को उठाकर पूछताछ करो कि आस मौहम्मद कहां है। लिसाड़ी गेट पुलिस ने दोनोंं को उठाकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि 21 सितम्बर को वे तीनों टोल प्लॉज काशी पर थे। तभी परतापुर पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया, लेकिन आस मोहम्मद वहां से भाग निकला।

परतापुर पुलिस ने हमें 22 सितम्बर को छोड़ा। लेकिन आस मोहम्मद उस दिन वहां से भाग निकला था। परिजनों ने आस मोहम्मद के परतापुर पुलिस को फोटो दिखाये तो खुलासा हुआ कि आस मोहम्मद ने 21 सितम्बर को रेलवे परतापुर तिराहे के रेलवे टेÑक पर आत्महत्या कर ली थी।

परतापुर पुलिस का कहना है कि 21 सितम्बर को जावेद और राशिद को पुलिस ने पकड़ा था। उन्हें 22 सितम्बर तक थाने में रखा और उसके बाद छोड़ दिया गया, लेकिन 21 को ही आस मोहम्मद का शव रेलवे ट्रेक पर मिलने की बात परतापुर पुलिस कह रही है। परतापुर पुलिस ने बताया कि आस मोहम्मद के शव का तेइस सितम्गर में लावारिस हालत में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

आस मौहम्मद के परिजनों का आरोप है कि दोस्त जावेद और राशिद ने आस मोहम्मद की हत्या कर शव को रेलवे ट्रेक पर फेंक दिया। परतापुर और लिसाड़ी गेट पुलिस की भूमिका संदेह के दायरे में है। परिजनों ने सोमवार को पुलिस अफ सरों से मिलकर हत्या का मुकदमा पंजीकृत कराने की मांग करेंगे।

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