- सेल्फी से लेकर वाट्सऐप और फेसबुक पर चल रही भोलों की क्लिप
- कांवड़ का बदला स्वरूप देखने को मिल रही नई झलक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शिव की अराधना से जुड़ा कांवड़ पर्व अब अपने पारंपरिक स्वरूप से निकलकर हाईटेक हो चला हैं,जो भोले पहले रागिनी और शिव के भजन गाकर एक दूसरे का मनोरंजन करते हुए यात्रा पूरी करते थे। आज उन्हीं भोलों के हाथों में स्मार्ट फोन देखने को मिल रहे है। इतना ही नहीं वह पल-पल की जानकारी स्मार्ट फोन में कैद कर अपने परिवार जनों को भी भेज रहे हैं। हालांकि इस बार कांवड़ियों में सेल्फी ट्रेड देखने के साथ-साथ इंस्ट्राग्राम का क्रेज सबसे अधिक देखने को मिल रहा है।
कैंपों में की गई है मोबाइल चार्ज करने की व्यवस्था
देखा जाए तो कांवड़ियां ज्यादातर उन्हीं कैंपों में रुकना पसंद कर रहे हैं,जहां मोबाइल चार्ज करने की सुविधा मिल रही है। यह तस्वीर मोदीपुरम रोड स्थित लगे एक शिविर की हैं जहां पर कांवड़ियों ने अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए लगाया हुआ है। दिल्ली निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि यात्रा लंबी है और करीब सात दिनों का सफर है। घर वालों को चिंता रहती है।
इसलिए दिन में कम से कम दो-तीन बार बात कर लेते हैं और उन्हें बताते है कि हम यहां पहुंच गए है और हमारा हालचाल भी ठीक है। वहीं अंकुर ने बताया कि कई दिन से फोन चार्ज नहीं हो पाया था। इसलिए वह स्विच आॅफ हो गया। यहां चार्ज करने की सुविधा मिली तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वहीं गाजियाबाद निवासी पूजा कहती है कि मोबाइल फोन अब जीवन का जरुरी हिस्सा बन गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान इसका मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि हम संचार साधन के रुप में करते है।
बोले के भजनों पर थिरक रहे कांवड़िया
कांवड़ के दौरान जहां सड़कों पर जगह-जगह शिविरों में बोले बाबा के भजन चल रहे हैं, वहीं कांवड़ियों ने टैÑक्टर-ट्रॉलियों आदि में भी डीजे आदि बजाकर भरपूर मनोरंजन कर रहे है।
आस्था के मेले में पटरी पर उमड़ रहा जन सैलाब
सरधना: कांवड़ियों पर भोले की जमकर कृपा हो रही है। पिछले कई दिन से सुहाना मौसम कांवड़ियों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। रविवार को भी मौसम खुशगवार रहा। ऐसे मौसम में कांवड़ियों ने लंबा सफर तय किया। मौसम को देखते हुए कांवड़िया तेजी के साथ अपने गंतव्य की ओर बढ़ते नजर आए। कांवड़ियों ने सेवा शिविरों में रुकना बंद किया तो सेवादारों ने भी रास्ते में खड़े होकर फल वितरण शुरू कर दिया। गंगनहर पटरी पर कांवड़ियों की संख्या कम हो गई है। रजवाहा पटरी पर इस समय जन सैलाब उमड़ रहा है।

समय के साथ गंगनहर पटरी पर कांवड़ियों की संख्या कम हो गई है। वहीं, पुरामहादेव जाने वाले कांवड़ियों ने रजवाहा पटरी की ओर कूच करना शुरू कर दिया है। रजवाहा पटरी पर कांवड़िए भारी संख्या में गुजर रहे हैं। युवाओं के साथ बच्चे और महिलाएं कांवड़ लेकर गुजर रहे हैं। ऐसे में भक्ति में शक्ति का नजारा देखते ही बन रहा है। पिछले चार दिन से भगवान शिव शंकर अपने भक्तों पर खासा मेहरबान है।
दो दिन तक लगातार हुई बूंदाबांदी ने कांवड़ियों का सफर आसान कर दिया। बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया। रविवार को भी आसमान पर बादल छाए रहे। मौसम को देखते हुए कांवड़ियोंने शिविरों में रुकना ठीक नहीं समझा। कांवड़ियों ने समय को देखते हुए लंबा सफर तय किया। वहीं, सेवादार भी भोलों की सेवा करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। भोले शिविर में नहीं रुक रहे हैं तो सेवादार उन्हें चलते-चलते ही केले, दूध, खीर आदि प्रसाद के रूप में दे रहे हैं। वहीं, पुलिस-प्रशासन भी पटरी पर पूरी तरह मुस्तैद है।
रजवाहा पटरी पर बेहोश हुआ कांवड़िया, हड़कंप
रविवार को कांवड़ रजवाहा पटरी पर रार्धना के निकट एक कांवड़िया बेहोश गिर पड़ा। सेवादारों ने यह देखा तो हड़कंप मच गया। पुलिस ने आनन फानन में उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। जांच करने पर पता चला कि कमजोरी की वजह से वह बेहोश हो गया था। कोई गंभीर बात नहीं है। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
मुजफ्फरनगर जिले के मोरना निवासी अर्जुन पुत्र भोपाल सिंह हरिद्वार से कांवड़ लेकर निकला था। वह पुरामहादेव जलाभिषेक करने के लिए जा रहा था। रविवार को वह रजवाहा पटरी पर रार्धना गांव के निकट पहुंचा तो अचानक से उसकी तबीयत बिगड़ गई। कांवड़िया बेहोश होकर नीचे गिर पड़ा। लोगों ने देखा तो हड़कंप मच गया। मौके पर तैनात पुलिस ने तत्काल कांवड़िया को उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया।
जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। जांच करने पर पता चला कि कमजोरी के कारण वह बेहोश हो गया था। कोई गंभीर बात नहीं है। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। स्वास्थ्य ठीक होने के बाद ही कांवड़िया को अस्पताल से छुट्टी दी जा सकी।

