- सपा नेता के आवास पर हुई बैठक में राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
जनवाणी संवाददाता |
नजीबाबाद: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व चेयरमैन खुर्शीद मंसूरी ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को प्रदेश सरकार खत्म करने की मंशा में जुटी है और यूनिवर्सिटी को राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। खुर्शीद मंसूरी ने कहा कि सरकार इस विश्वविद्यालय को खत्म कर शिक्षा के क्षेत्र में भी पूंजीपतियों को मजबूत करना चाहती है ताकि कमजोर व शोषित समाज सस्ती शिक्षा से वंचित रह जाए।
गुरूवार को कस्बा साहनपुर मे पूर्व चेयरमैन एवं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता खुर्शीद मंसूरी के आवास पर समाजवादी के कार्यकतार्ओं की बैठक में खुर्शीद मंसूरी ने आगे कहा कि यह यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि हिंदुस्तान व हिंदुस्तान के बाहर भी अपनी विशेष पहचान बना चुकी है और शिक्षा के क्षेत्र मे रखने वाली शैक्षिक संस्थान मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पिछले कई महीनों से नफरत, द्बेष भावना तथा राजनीति का शिकार हो रही है,कभी शिक्षण संस्थान के मुख्य द्वार को ध्वस्त करने के सरकारी आदेश आते हैं तो कभी यहां स्थित लाइब्रेरी को निशाना बनाया जा रहा है।
कभी इसकी दीवारों पर सरकारी बुलडोजर चला दिया जाता है और अब तमाम हदों को पार कर सरकार एक हिटलरशाही फरमान जारी कर इस शिक्षण संस्थान पर अपनी मिल्कियत का दावा करते हुए यूनिवर्सिटी को बंद कर उन पूंजीपतियों को मजबूत करना चाहती है । जिन्होंने शिक्षा को व्यापार के रूप में स्थापित किया कर लिया है जबकि प्रावेट यूनिवर्सिटी के रूप में पूरे उत्तर प्रदेश में सबसे सस्ती शिक्षा मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान की जा रही है।
इसके बाद सपाईयों ने एक ज्ञापन राजयपाल को व प्रशासनिक अधिकारियों को भेज कर कहा है कि इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक मोहम्मद आजम खान है और इसलिए राजनीति कारणों से इस विश्वविद्यालय को निशाना बनाया जा रहा है। ज्ञापन में राज्यपाल से यूनिवर्सिटी के संबंध में अपनी मिल्कियत संबंधी आदेश वापस लेने की मांग की। ज्ञापन भेजने वालों में समाजवादी के वरिष्ठ नेता व पूर्व चेयरमैन खुर्शीद मंसूरी, माजिद बैग, इमरान मंसूरी, नौशाद अहमद, मोहम्मद शकील, मुजफ्फर अली, बबलू मंसूरी, शादाब, हाजी इकबाल सदर, इंजीनियर अखलाक, सद्दन खान, अहमद ठेकेदार, फुरकान, अजमल, छोटे सभासद, मुजफ्फर, लडन खान, सरफराज मंसूरी, काले खां, शानू, जाफर सलमानी, नौशाद शाह, सरफराज मंसूरी, नौशाद मंसूरी, सुलेमान, हाजी निसार आदि बड़ी संख्या में समाजवादी के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

