- महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल करने की चर्चा, मचा हड़कंप
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: खनन कारोबारी और बसपा के पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल के मिर्जापुर पेलो स्थित आवास पर बुधवार पहले पहर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की टीम ने छापामारी की। इससे खलबली मच गई। माना जा रहा है कि कुछ गोपनीय दस्तावेज को ईडी ने अपने कब्जे में ले लिया है। यही नहीं, हाजी की ग्लोकल युनिवर्सिटी और मसूरी स्थित होटल को भी ईडी अटैच कर सकता है।
बता दें कि हाजी मोहम्मद इकबाल पर कई संगीन मामले चल रहे हैं। बसपा शासन में हाजी ने खनन के जरिये अकूत संपदा इकट्ठा की और ग्लोकल यूनिवर्सिटी खड़ी कर दी। यही नहीं कई फर्जी कंपनियां बनाने का भी हाजी पर आरोप है। हाजी पर मनी लांड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत केस दर्ज है।

इसी मामले की ईडी की ओर से जांच की जा रही है। पूर्व में भी सीबीआई और ईडी की टीम ने हाजी के यहां छापामारी की थी। फिलहाल, बुधवार सुबह तीन गाड़ियों में सवार होकर ईडी की टीम हाजी के मिर्जापुर आवास पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। सूत्रों का कहना है कि टीम हाजी और उनके भाई महमूद अली से पूछताछ कर रही है। कुछ रिश्तेदारों और अन्य करीबियों को भी बुलाया गया है।

जानकारों का कहना है कि हाजी के ग्लोकल यूनिवर्सिटी और मसूरी में बने होटल सहित अन्य बेनामी संपत्तियों की भी ईडी जांच कर रही है। हाजी के कुछ बेनामी संपत्तियों को अटैच करने की ईडी की तैयारी है। बहरहाल, ईडी की छापामारी से खलबली मची है। शहर के साउथ सिटी में भी ईटी की टीम के पहुंचने की संभावना है।
बता दें कि हाजी पर पूर्व जमीन की धोखाधड़ी, फर्जी तरीके से बैंक में खाता खोलने समेत अन्य कई मामले दर्ज हैं। ईडी ने सहारनपुर के बादशाहीबाग के निकट कई सौ एकड़ में बनी ग्लोकल यूनिवर्सिटी और मसूरी के होटल सहित पूरी संपत्ति का ब्यौरा जुटाया है।
यह भी बता दें कि पुलिस समय-समय पर हाजी के खिलाफ कार्रवाई करती रहती है। यहां तक कि सीबीआई भी कई बार उसके ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। यह भी बता दें कि बसपा के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल, दो पूर्व खान अधिकारी और खनिज विभाग कार्यालय के लिपिक के खिलाफ सदर बाजार कोतवाली में धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायालय के आदेश पर दर्ज रिपोर्ट में आरोप था कि अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने पर पूर्व प्रधान को खनन माफिया बताकर 4.26 करोड़ रुपये के नोटिस जारी किए और भूमि कुर्क करने का आदेश कराया गया।
ये दर्ज हैं खास केस
केस- 1
किरन मनचंदा पत्नी स्वर्गीय सुनील मनचंदा निवासी सेक्टर 65 गुरुग्राम (हरियाणा) ने मिजार्पुर थाने में वाहिद, रविंद्र, मोहम्मद इकबाल और चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत, बंधक बनाने, लूट, गाली गलौज और धमकी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसमें किरन मनचंदा ने बताया था कि उनके पति सुनील मनचंदा की फर्म को जनवरी 2013 में द ग्लोकल यूनिवर्सिटी से निर्माण कार्य के संबंध में परचेज आर्डर मिला था। इसके बाद 14 फरवरी 2013 को माल डलवाया और कार्य शुरू करा दिया। इसके लिए 20 लाख रुपये एडवांस मिले थे। वर्क आर्डर 5,61,99,261 रुपये का था। कार्य करने के दौरान ही उन्हें 53,10,000 रुपये और मिले। 30 मार्च तक कार्य किया, जिसके बाबत 5,45,18,550 रुपये का बिल बना, जबकि उन्हें कुल भुगतान 73 लाख 10 हजार रुपये का मिला। इसके बाद उन्होंने मोहम्मद इकबाल से भुगतान की मांग की, तो कहा गया कि कार्य पूरा करो, तब पेमेंट मिलेगा। बाजार की देनदारी और मजदूरों का भुगतान न होने से कार्य रुक गया। इसके बाद उनके पति सुनील मनचंदा भुगतान की मांग करने ग्लोकल यूनिवर्सिटी पहुंचे। आरोप है कि वहां मिले वाहिद और रविंद्र ने बिल की फाइल छीन ली और चार लोगों को बुलाकर रिवाल्वर तानकर सुनील मनचंदा को बंधक बनाया और जान से मारने की धमकी दी।
केस- 2
बेहट तहसील के गांव शफीपुर निवासी सविता पत्नी मेघराज ने मोहम्मद इकबाल, वाजिद, जावेद और अलीशान के खिलाफ धोखाधड़ी से जमीन का बैनामा कराने और धमकी देने के आरोप में मिजार्पुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें सविता ने बताया था कि वर्ष 2011 में मोहम्मद इकबाल चार लोगों के साथ उसके घर पहुंचे और कहा कि दिल्ली यमुनोत्री मेन रोड वाली तुम्हारी पांच बीघा (कच्चा) जमीन हमें चाहिए। करीब 19 लाख रुपये में सौदा हुआ। आरोप है कि दो दिन बाद उसे, उसके पति और भाई को अपने साथ कार से बेहट तहसील ले गए। वहां कागजों पर अंगूठे लगवाने और भुगतान देकर उन्हें घर भेज दिया। बेची गई पांच बीघा जमीन से अलग करीब 44 बीघा जमीन पर सविता का परिवार खेती करता रहा।

