Monday, March 16, 2026
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मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल: किसानों ने झेली किल्लत, नहीं उठा गन्ना

  • आक्रोशित किसानों ने गन्ना सचिव का किया घेराव, हंगामा

जनवाणी संवाददाता |

परतापुर: मोहिउद्दीनपुर मिल के जीएम के बयान और गन्ने की पैराई का समाधान न होने पर किसानों ने गन्ना सचिव का हंगामा करते हुए घेराव कर लिया। साथ ही रात तक समाधान न होने पर हाइवे पर जाम करने की धमकी दी। प्रदेश के गन्ना आयुक्त संजय आर भूसरेड्डी के आदेश है कि गन्ना उठाया जाए, लेकिन अभी गन्ना उठने में दिक्कत हो रही हैं।

जिस तरह से गन्ना उठाया जाना चाहिए था, वह नहीं उठा। बुधवार से गन्ने की ढुलाई तेजी से हो सकती हैं। मोहिउद्दीनपुर शुगरमिल के पावर प्लांट की टरबाइन में शनिवार को आग लग गई थी। रविवार को गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी और अपर गन्ना सचिव संजय आर भूसरेड्डी आए थे जहां उनकी किसानों से तीखी नोकझोंक भी हुई थी।

अपर गन्ना सचिव ने किसानों के गन्ने को दौराला भेजने के लिए कहा था, लेकिन सोमवार तक भी मिल जीएम ने गन्ना भेजने की व्यवस्था नहीं की तो किसान जीएम से मिले। उधर, जीएम ने किसानों से कह दिया कि हम किसानों से गन्ना नहीं ले रहे गन्ना सोसाइटी स ेले रहे हैं। इस बात पर किसान भडक गए। इस बीच पूर्व विधायक राजेंद्र शर्मा किसानों के बीच पहुंचे और उन्होंने हाईकमान से बात करने की बात कहकर कसानों को आश्वस्त किया।

इस दौरान रालोद के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र शर्मा मौजूद रहे। भाकियू नेताओं का कहना था कि गन्ने का उठान जिस तरह से होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। उधर, बुधवार को गन्ने का ठीक से उठान होने की उम्मीद की जा रही हैं। पांच चीनी मिलों को गन्ने का बटवारा किया गया हैं। पांचों चीनी मिलों के ट्रक गन्ना उठाकर ले जाएंगे। इसकी पूरी व्यवस्था की गई हैं।

मोहिउद्दीनपुर में टरबाइन में लगी आग के जांच पर सवाल

मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल में हुए हादसे के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। तमाम राजनीति दलों के नेता भी गन्ना मंत्री से जांच के लिए मांग कर चुके हैं तथा जांच पर कई सवाल हैं, जिनका जनता जवाब मांग रही हैं। इसको लेकर मिल प्रबंधन कठघरे में खड़ा हो गया हैं। संविदा कर्मी को वित्तीय अधिकार कैसे दिये? इसके लिए जवाबदेही किसकी हैं? रालोद नेता रोहित जाखड़ ने कुछ सवाल उठाये हैं, जिनकी जांच कराने की मांग की हैं, ताकि इस मुद्दे पर किये जा रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया जा सके।

ये उठाये सवाल

प्रधान प्रबंधक जिसका ओरिजिनल पद उप मुख्य रसायनज्ञ है उसे दो पद ऊपर कैसे सेवानिवृत्त के बाद संविदा के पद पर प्रधान प्रबंधक रखा गया? सेवानिवृत्त संविदा के जीएम को किस नियमों के अंतर्गत वित्तीय अधिकार दिये गये? चीनी मिल के पावर प्लांट में लगी आग के तकनीकी कारण क्या है? क्या मिल पावर प्लांट की मरम्मत के बाद इस पेराई सत्र में चल सकेगी। यदि हाँ तो कितने दिन मरम्मत में लगेगें?

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जानकारी में आया है कि मिल की तकनीकी मरम्मत तथा इसके संचालन का समस्त काम किसके देख रेख में कराया गया। पावर प्लांट की आॅफ सीजन में हुई मरम्मत से संबंधित समस्त रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाए? जानकारी के अनुसार प्रधान प्रबंधक की भ्रस्टाचार तथा मशीनरी मरम्मत सही नहीं कराने की शिकायतों की जांच हुई थी। वह जांच चीनी निगम के किस अधिकारी ने की तथा उसकी जांच रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई। जांच रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाये?

विगत दो सालों में मिल की मशीनरी मरम्मत पर कुल कितनी धनराशि खर्च की गई। विशेष रूप से पावर प्लांट में। इसका विवरण उपलब्ध कराया जाए? पावर प्लांट को संचालित करने वाली आॅउट सोर्सिंग की पार्टी के तीनों शिफ्ट के तकनीकी कर्मचारियों के नाम, उनकी योग्यता तथा इन उपकरणों को चलाने के अनुभव के प्रमाणपत्र उपलब्ध कराये जाये? क्या चीनी मिल के समय कार्यालय में आॅउट सोर्सिंग की पार्टी के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की हाजिरी लगती थी। यदि हां तो उसके रिकार्ड उपलब्ध कराये जाये?

चीनी मिल से आॅउट सोर्सिंग की पार्टी के मध्य हुए अनुबंध के अनुसार लगाये गये सभी अधिकारियों, कर्मचारियों के योग्यता, अनुभव प्रमाणपत्र चीनी मिल, चीनी निगम के किन अधिकारियों द्वारा सत्यापित किये गये। सभी तकनीकी अधिकारियों, कर्मचारियों के सत्यापित योग्यता एवं अनुभव प्रमाणपत्र की छाया प्रति उपलब्ध करायी जाये? चीनी मिल के पावर प्लांट में लगी भयंकर आग के तकनीकी कारणों की उच्च स्तरीय जांच एसआईटी गठित कर करायी जाये। जांच में स्थानीय किसानो के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए?

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