- छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध, इसके अलावा और कुछ नहीं
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: शिशुओं की अच्छी सेहत के लिए जरूरी है कि उन्हें छहमहीने तक केवल मां का दूध दिया जाए, इसके अलावा कुछ नहीं, यहां तक कि पानी भी नहीं। मां के दूध में वह सभी आवश्यक पोषण तत्व होते हैं जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी होते हैं। मां का पहला पीला गाढ़ा दूध बच्चे के लिए टीके के समान होता है, जो तमाम बीमारियों से शिशु की रक्षा करता है और उसे कुपोषण से बचाता है। यह कहना है जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा त्रिपाठी का।
उन्होंने बताया- जनपद में राष्ट्रीय पोषण माह चल रहा है। एक सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा। उन्होंने बताया इस माह के अंतर्गत आंगनबाड़ी और आशा कार्यकतार्ओं को महती जिम्मेदारियां दी गई हैं। इसी क्रम में एक रोज पहले लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए पोषण रैली का आयोजन किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया-पोषण माह के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए स्तनपान के बारे में धात्री महिलाओं को अवगत करा रही हैं। शिशु को छह महीने तक स्तनपान करानेके फायदे भी गिना रही हैं। यही नहीं वह बता रही हैं कि बोतल से दूध पिलाने पर संक्रमण का खतरा बना रहता है।
यदि बच्चे को छह माह तक स्तनपान नहीं कराया गया तो वह अपेक्षाकृत कमजोर और कुपोषण का शिकार भी हो सकता है। ऐसे में शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है कि अपने बच्चों को जन्म से लेकर छहमहीने तक केवल स्तनपान कराएं ताकि बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ रहे। उहोंने बताया-दूध पिलाने के बाद यदि बच्चा दोघंटे आराम से सोता है तो समझना चाहिए कि वह पूरी तरह स्वस्थ है।
बनायी जा रहीं पोषण वाटिका
आशा त्रिपाठी ने बताया- जनपद के समस्त 3410 आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध भूमि पर पोषण वाटिका तैयार कराई जा रही हैं। इनमें हरी सब्जियां, फल और औषधि के पौधे लगाए जाएंगे। पोषण वाटिका में तैयार सब्जियां और फल जरूरत के अनुसार गर्भवती और धात्री माताओं को उपलब्ध कराए जाएंगे।

