Tuesday, March 17, 2026
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सांसद ने की सीएम से भोलाझाल और बरनावा को पर्यटन स्थल बनाने की मांग

  • सीएम योगी से बरनावा में वर्चुअल म्यूजियम और भोलाझाल को विकसित करने की बागपत सांसद डा. राजकुमार सांगवान ने उठाई मांग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बागपत सांसद डा. राजकुमार सांगवान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर भोलाझाल को पर्यटन के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है। इसके अलावा बरनावा में महाभारत पर आधारित वर्चुअल म्यूजियम बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने दोनों मांगों पर सकारात्मक जवाब दिया है। मुख्यमंत्री को दिए पत्र में डा. राजकुमार सांगवान ने कहा कि बरनावा मेरठ और बागपत के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है, जहां महाभारतकालीन लाक्षाग्रह के अवशेष आज भी एक टीले के रूप में दिखाई देते हैं।

कौरवों ने पांडवों को इस महल में ठहराया था और फिर जलाकर मारने की योजना बनायी थी। पांडव सूचना प्राप्त होने पर यहां से गुप्त सुरंग द्वारा निकल भागे थे। ये सुरंग आज भी मौजूद है, जो हिंडन नदी के किनारे पर खुलती है। वर्तमान में यह स्थल पूरी तरह से उपेक्षित है। इस ऐतिहासिक धरोहर स्थल को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जाने की आवश्यकता है। सांसद ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की निकटता को ध्यान में रखते हुए इस स्थल पर पर्यटकों के लिए समस्त आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाने चाहिए।

इतिहासकारों, पुरातत्वविदों, छात्र-छात्राओं एवं सैलानियों के भ्रमण के लिए यह ऐतिहासिक स्थल आदर्श पर्यटक केन्द्र बन सकता है। ऐसे में इस पुरातन स्थल को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर लाने के लिए आवश्यक अवस्थापना सुविधाओं के साथ-साथ महाभारत पर आधारित एक वर्चुअल म्यूजियम स्थापित करने के लिए पर्यटन विभाग को निर्देशित करने का कष्ट करें।

भोला झाल पर घूमने आते हैं हजारों लोग

मुख्यमंत्री को दिए पत्र में डा. सांगवान ने कहा है कि हरिद्वार के पास जीवनदायनी मां गंगा से निकलने वाली अपर गंगा नहर पर ब्रिटिश काल में कई मिनी हाइडल प्रोजेक्ट स्थापित किए गए थे। इन परियोजनाओं को स्थापित करने के लिए एक छोटा-सा बैराज बनाकर पानी को रोका गया तथा उसे डायवर्ट कर लघु विद्युत परियोजना स्थापित की गई थी। ऐसी ही एक लघु विद्युत परियोजना अपर गंगनहर पर जनपद मेरठ के भोला गांव के पास स्थापित है, जिसे आम भाषा में भोलाझाल कहा जाता है।

इस नहर पर बैराज से पानी का अत्यंत सुरम्य, आकर्षक एवं मनमोहक झरना गिरता है जो सहज ही किसी के भी मन को मोह लेता है। इस स्थल पर प्रत्येक दिन हजारों लोग घूमने आते हैं, परंतु पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भोला की झाल को एक महत्वपूर्ण एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सकता है,

यदि यहां आवश्यक सुविधाएं जैसे बैठने का स्थान, पार्क, झूले, रेस्टोरेंट, पार्किंग आदि का विकास कर दिया जाए। यह कार्य पर्यटन विभाग, सिंचाई विभाग या मेरठ विकास प्राधिकरण में से किसी एक को जिम्मेदारी देकर किया जा सकता है। इस स्थल पर शुल्क लगाकर एक ऐसा सस्टेनेबल मॉडल बनाया जा सकता है जिससे इस स्थान का रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके।

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