- हस्तिनापुर को रेलमार्ग से जोड़ने का मुद्दा फिर उठा
- धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण फिर भी अनदेखी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने गुरुवार को रेल मंत्री अश्वनि वैष्णव से मुलाकात कर हस्तिनापुर को रेल मार्ग से जोड़ने के लिये ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इस क्षेत्र को रेल मार्ग से जोड़ा जाना चाहिये।
सांसद ने रेल मंत्री को दिये पत्र में कहा कि हस्तिनापुर रेल मार्ग स्वीकृत किया जा चुका है परन्तु आर्थिक दृष्टि से अलाभप्रद इस रेल मार्ग के निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहा है। हस्तिनापुर हमारी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक परम्परा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
महाभारतकालीन कुरुवंश की राजधानी यह नगर वर्तमान में विश्वविख्यात जैन तीर्थ है। इसके निकट ही केवल तीन किमी की दूरी पर सैफपुर कर्मचंदपुर नामक गांव पंजप्यारों में से एक भाई धर्म सिंह का जन्म स्थान है, जहां विशाल गुरुद्वारा बना है। देश और दुनिया से बड़ी संख्या में दर्शनार्थी इन स्थानों पर आते हैं।
हस्तिनापुर के महत्व को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने इसे देश की पांच हेरीटेज में से एक घोषित किया है। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ा होने के कारण हस्तिनापुर को श्रीकृष्ण सर्किट में शामिल किये जाने की औचित्यपूर्ण संभावना है। मेरठ-हस्तिनापुर तथा निकटवर्ती क्षेत्र के पुरातात्विक महत्व के कारण मेरठ को पुरातत्व का पृथक सर्किल भी केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया है।
पर्यटन के विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार भी मेरठ तथा हस्तिनापुर के विकास में विशेष रूचि ले रही है, तथा प्रदेश सरकार द्वारा हस्तिनापुर को मुरादाबाद-बिजनौर-कोटद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर चांदपुर से जोड़ते हुए गंगा पर एक पुल का निर्माण कराया गया है।
सांसद ने कहा कि इसके बावजूद बिलकुल नहीं लगता कि यह रेलमार्ग आर्थिक दृष्टि से अलाभप्रद सिद्ध होगा परन्तु यदि वैसा हो तब भी देश के दो प्रमुख अल्पसंख्यक जैन तथा सिख समाजों की भावनाओं का सम्मान करने के लिए तथा ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक परम्परा में हस्तिनापुर का विशिष्ट एवं अनन्य स्थान होने के कारण सामाजिक दायित्व के नाते भी मेरठ से हस्तिनापुर की रेलवे लाइन को बिछाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाना अत्यंत आवश्यक है।
इस सम्बन्ध में पहले भी क्षेत्र की जनता की ओर से अनेक बार अनुरोध किया जा चुका है। हस्तिनापुर रेलवे लाइन का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ कराये जाने की कृपा करें।
फ्रेट कॉरिडोर का स्टेशन बनना चाहिए शहर में
ईस्टर्न डैडीकेटिड फ्रेट कॉरिडोर हल्दिया से लुधियाना तक उत्तर प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर मेरठ से होकर बन रहा है। निश्चित ही यह कॉरिडोर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि मेरठ में माल उतारने-चढ़ाने के लिए इस कॉरिडोर के किसी भी स्टेशन (साईडिंग) का प्रस्ताव नहीं रखा गया है।

मेरठ औद्योगिक एवं आर्थिक दृष्टि से देश का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केन्द्र है। मेरठ में विभिन्न उत्पादों से सम्बन्धित लगभग 20 हजार छोटी-बड़ी इकाईयां कार्यरत हैं। यहां से पूरे देश तथा विदेश में स्पोर्ट्स गुड्स, हैंडलूम, कागज, चीनी, आलू, कैंची आदि की आपूर्ति एवं निर्यात किया जाता है। इसके अतिरिक्त उद्योग की जरूरत की पूर्ति के लिए कच्चे एवं निर्मित माल का विभिन्न देशों से आयात भी यहाँ किया जाता है।
वर्तमान में मेरठ शहर छह नेशनल हाइवे एवं दो एक्सप्रेस वे के माध्यम से अन्य औद्योगिक शहर जैसे मुजफ्फरनगर गाजियाबाद शामली, हापुड़, बुलंदशहर एवं नोएडा से जुड़ा हुआ है। मेरा आपसे अनुरोध है कि मेरठ शहर के औद्योगिक महत्व तथा कनेक्टिविटी को देखते हुए ईस्टर्न डैडीक्रेडिट फ्रेट कॉरिडोर का मेरठ में एक स्टेशन (माल साइंडिंग) बनाने के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को आदेश करने की कृपा करें।

