- आरोपियों ने गोली मारकर की हत्या, पत्नी हिरासत में, मृतक के साले की तलाश में दबिशें
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नौचंदी थाना क्षेत्र शास्त्रीनगर एल ब्लॉक में बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गये। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सिविल लाइन और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच पड़ताल की। पुलिस ने मुकदमे में नामजद होने के कारण पत्नी को हिरासत में लिया है। वहीं, मृतक के साले की तलाश में दबिशें दी जा रही है।
शास्त्रीनगर एल-2 ब्लॉक-1727 पीर वाली गली में देवेन्द्र शर्मा का 30 साल पुराना 36 मीटर में बना दो मंजिला मकान है। देवेन्द्र शर्मा के बड़े बेटे राहुल शर्मा की शादी करीब 15 वर्ष पूर्व बागपत जिले के गांव सबका निवासी नीतू शर्मा के साथ हुई थी। देवेन्द्र की पहली पत्नी से राहुल और अरुण और दो बेटियां हैं। देवेन्द्र ने पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी कर ली थी।
राहुल के एक बेटा पीयूष उम्र 13 वर्ष और एक बेटी पीयूष 8 वर्ष की है। वर्ष 2014 में राहुल शर्मा की मवाना रोड पर एक्सीडेंट के दौरान मौत हो गई थी। राहुल के परिवार वालों ने सामाजिक तौर पर नीतू के परिवार से बात करके उसकी शादी छोटे भाई प्रदीप शर्मा के साथ कर दी थी। प्रदीप शर्मा देवेन्द्र शर्मा की दूसरी पत्नी का इकलौता बेटा था। देवेन्द्र अधिकांश अपने मूल गांव खरखौदा क्षेत्र के बमनपुर में रहते हैं।

शास्त्रीनगर में उनका बेटा प्रदीप और नीतू व उसके बच्चे साथ रहते थे। नौ महीने से प्रदीप अपनी पत्नी नीतू के साथ न रहकर घर से बाहर अलग रहता था। वर्तमान में घर में सिर्फ नीतू व उसके बच्चे और उसका ममेरा भाई दिपांशु व हिमांशु ही साथ रहते थे। प्रदीप और नीतू के बीच कई महीनों से आपसी विवाद चल रहा था। आये दिन घर में झगड़ा और पारिवारिक कलह के चलते प्रदीप शास्त्रीनगर में नीतू के साथ न रहकर अलग रहने लगा था।
प्रदीप बुधवार सुबह 11 बजे अर्टिका कार से एक व्यक्ति के साथ शास्त्रीनगर में अपने घर के सामने सिपाही अजीत गुर्जर के यहां आया था। प्रदीप और अजीत बातें करते हुए घर से बाहर आ गये थे। घर की गली के किनारे खड़े बाइक पर दो बदमाश काफी समय से प्रदीप का इंतजार कर रहे थे। जब प्रदीप अजीत से बातें करता हुआ घर के बाहर आया तो बाइक सवार दो बदमाशों में से एक ने प्रदीप पर पिस्टल से गोलियां बरसाकर हत्या कर दी।
बदमाश घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गये। दिनदहाड़े प्रदीप की हत्या के बाद कालोनी में अफरा तफरी मच गई। कालोनी के लोग बदमाशों के पीछे दौड़े, लेकिन तब तक बदमाश आरटीओ सेक्टर तेरह की ओर से फरार हो गये। कालोनी के लोग खून में लथपथ प्रदीप को कार में डालकर मेडिकल अस्पताल ले गये। लेकिन वहां डाक्टरों ने प्रदीप को मृत घोषित कर दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी पीयूष कुमार सिंह, थाना नौचंदी पुलिस और सीओ सिविल लाइन देवेश कुमार सिंह व घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी सिटी ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे चेक करवाये। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे में दो बदमाश बाइक पर जाते हुए दिखाई दिये हैं। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को अपने कब्जे में लेकर बदमाशों की पहचान शुरु कर दी है।
घटना के थोड़ी देर बाद ही पुलिस ने पूछताछ के लिए प्रदीप की पत्नी नीतू को हिरासत में ले लिया और थाने भेज दिया। मौके पर फोरेसिंक टीम और क्राइम ब्रांच ने भी कई लोगों से पूछताछ की है। मृतक के पिता देवेन्द्र ने थाना नौचन्दी में पुत्रवधू नीतू पर ही बेटे प्रदीप की हत्या करवाने की तहरीर दी है।
पुलिस ने नीतू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। एसपी सिटी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य तो नीतू और दिपांशु ही है। इन्ही दोनों के इर्द गिर्द है पूरा मामला। दिपांशु मिल जाये तो आगे कुछ हो। तीन चार लोग हिरासत में लिये हैं। घर परिवार के लोग ही हैं जो आरोपी हैं।
अबकी बार नहीं बचेगा, ऐसी गोली मारी है…
प्रदीप की हत्या करने के बाद शूटर ने मोबाइल फोन पर किसी से बात की और कहा कि अबकी बार नहीं बचेगा। ऐसी गोली मारी है। दोनों बदमाश आराम से घटना को अंजाम सेक्टर-13 की तरफ से निकल गये।
प्रदीप पर हुआ था जानलेवा हमला
लिसाड़ी गेट क्षेत्र चमड़ा पैंठ में कुछ महीनों पहले ही प्रदीप शर्मा की हत्या की कोशिश की गई थी। जिसमें बदमाशों ने प्रदीप को गोली मारी थी। प्रदीप के हाथ में एक गोली लगी थी। घटना में प्रदीप ने अपनी पत्नी नीतू और दिपांशु पर ही आरोप लगाया था कि वे उसकी हत्या करना चाहते हैं। लिसाड़ी गेट थाने पर दिपांशु के खिलाफ हत्या के प्रयास धारा 307 का मुकदमा दर्ज कराया था।
शूटर आधा घंटे से कर रहे थे रेकी
प्रदीप की हत्या करने से पहले बाइक सवार दोनों शूटर घटना को अंजाम देने से आधा घंटे पहले गली में खड़े थे। बदमाशों को पता था कि प्रदीप पड़ोस में रहने वाले अजीत के घर पर आया हुआ है। एक बदमाश ने हेल्मेट पहन रखा था। बाइक पर पीछे बैठा बदमाश काले रंग की चेक की शर्ट पहने था। उसके चेहरे पर कोई नकाब नहीं था।

दोनों इस इंतजार में थे कि कब प्रदीप सिपाही अजीत के घर से निकले और कब उसे मारा जाये। जैसे ही प्रदीप अजीत के साथ बात करता हुआ अजीत के घर से बाहर आया और कार में बैठने को चला तो पीछे बाइक पर बैठे बदमाश ने रिवाल्वर निकाला और प्रदीप पर तीन गोलियां चलाई। प्रदीप के सीने और पेट में गोली लगी। जिसके बाद प्रदीप वहीं गिर गया। बदमाश बाइक पर बैठक आराम से फरार हो गये।
सिपाही अजीत के घर आ रहा था प्रदीप
प्रदीप 10 दिनों से पड़ोस में रहने वाले अजीत सिपाही के घर आकर बैठता था। उसकी पत्नी से नीतू को वहीं पर बुलवा लेता था। करीब दोनों के बीच काफी बातें होती थी। आसपास के लोगों ने बताया कि अजीत के घर प्रदीप और नीतू कुछ दिन से वहां थोड़ी देर के लिए बैठकर बातें करते थे। उनके बीच क्या बातें होती थी। ये नहीं पता चला। जाकर बैठते थे। प्रदीप नीतू के पास न जाकर अजीत के घर पर ही आता था। वहां ही वह नीतू को बुलवाकर बातें करता था।
सात बीघा जमीन बेची थी प्रदीप के पिता ने
प्रदीप के पिता देवेन्द्र शर्मा ने गांव बमनपुरा में सात बीघा जमीन बेची थी। प्रदीप बुधवार सुबह ही अपने गांव बमनपुरा गया था। पिता को कार में बैठाकर वह शहर में बैंक लेकर आया था। उसने पिता से पचास हजार रुपये बैंक से निकलवाये थे। प्रदीप पचास हजार रुपये लेकर पिता को गांव में ही कार से छोड़कर आया था। शायद उसके बाद ही वह सीधे अजीत के घर पहुंचा हो।

