- बस इंतजार नसीब में रह गया है सर्राफ परिवार के
जनवाणी संवाददाता
मेरठ: जागृति विहार के सेक्टर दो में स्थित भागमल ज्वैलर्स में हुई लाखों की लूट और सर्राफ की हत्या के मामले में छह दिन गुजरने के बाद भी परिजनों के हाथ सिर्फ पुलिस के द्वारा दिये जा रहे आश्वासन ही लगे हैं। वहीं, पुलिस सर्राफ की दुकान पर कुछ दिनों से आने वाले ग्राहकों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
सर्राफ अमन जैन की हत्या और लूट के मामले में पुलिस के पास फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पुलिस को कुछ नहीं मिला है और पुलिस आज भी वहीं है जहां पहले दिन थी।
बदमाशों के द्वारा मारे गए सर्राफ अमन जैन के पिता सतीश चंद्र जैन पुलिस से बस यही पूछ रहे हैं कि छह दिन हो गए, अब तक बेटे के कातिल क्यों नहीं पकड़े गए।
बेटे की हत्या पिता पूरी तरह से टूट चुके हैं और अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। उनका कहना है कि बेटे को अपनी आंखों के सामने मरते हुए देखा है और वो पल आंखों से दूर नहीं हो रहा है।
घर में उनकी पत्नी की हालत गमगीन बनी हुई है। उनके मुंह से बस अमन अमन ही निकल रहा है। बेटे की सेवा ही उनकी जिंदगी को गति दिये हुए थी।
रसोईघर से निकलने वाली आवाज अब उनको नहीं सुनाई दे रही है। सुबह चाय से लेकर रात के खाने तक बेटा अपनी मां की सेवा में लगा रहता था।
एक पल को याद करते हुए सतीश जैन ने बताया कि कुछ साल पहले जब पत्नी बुरी तरह से बीमार थी तब तीन माह लगातार बेटे को रात भर जागना पड़ा था।
एक दिन बेटे ने अपनी मां से कहा कि मां अगर मैं इसी तरह जागता रहा तो एक दिन मर जाऊंगा। ये बताते हुए सतीश जैन की आंखों में आंसू आ गए।
वहीं, एसओ मेडिकल देवेन्द्र सिंह का कहना है कि पुलिस लगातार प्रयास कर रही है और बदमाशों की सुरागरशी पर लगे हुए हैं। बहुत जल्द बदमाश पकड़े जाएंगे। वहीं पुलिस ने पीड़ित सर्राफ के मोहल्ले में गश्त बढ़ा दी है।
सर्राफा कारोबारियों ने दी अमन को श्रद्धांजलि

शहर सर्राफा बाजार व्यापार एसोसिएशन मेरठ मंडल ने जागृति विहार के कारोबारी अमन जैन को कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि दी। संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, भाजपा नेता अंकुर गोयल, स. दलजीत सिंह, सराफा बाजार व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय जैन, महामंत्री नरेश माहेश्वरी, सुभाष चंद्र अग्रवाल, संरक्षक बिहारी लाल, हर्ष जैन, सुरेश चौरसिया, प्रिसेन रस्तोगी, गोपाल कृष्ण, धनंजय, प्रदीप गोयल आदि भी मौजूद रहे। दो मिनट का मौन रखकर अमन के चित्र के सामने कैंडल जलाए गए। पुलिस प्रशासन से घटना के शीघ्र खुलासे की मांग की गयी।

