- चार बच्चों को छोड़कर भागने का मामला, शामली में भी रुपये ऐंठे और महिला बच्चों को छोड़ भगा
- कर्जदारों से भय से बच्चों को छोड़ गई थी महिला
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: चार बच्चों को मकान मालिक के घर में छोड़कर फरार हुए दंपति के मामले में एक नया मोड सामने आया है। फरार हुए युवक अपने दोस्त को ठगकर उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर ले गया था।
शामली में रहते हुए लोगों के साथ ठगी और उधारी के बाद युवक अपने पत्नी बच्चों को छोड़ भगा था। कर्जदारों से परेशान होकर महिला भी अपनी तीन बेटियों और एक बेटे को किराये के मकान में छोड़ कर चली गई थी। महिला पर विभिन्न आरोप लगाने वाला युवक असल में बच्चों समेत उक्त महिला को अब मझदार में छोड़ गया है।
शामली शहर के मोहल्ला टंकी कॉलोनी में दिव्यांग सुनील संगल के मकान में सवा साल पहले एक युवक संजय एक महिला सुंदरी व चार बच्चों को लेकर किराये पर रहने आया था।
युवक ने सुंदरी को अपनी पत्नी बच्चों को अपने बेटा-बेटी बताया था। किराये के मकान में महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। जिसके बाद दंपति समेत 15 साल की बड़ी बेटी विशाखा, 13 साल की दूसरी बेटी अंशु, 10 साल की तीसरी बेटी सिमरन, सात साल का बेटा रितेश और 7 माह का एक बेटा कन्हैया साथ में रहने लगे।

अचानक ही दो जून को युवक अपने कथित पत्नी बच्चों को छोड़कर कहीं भाग गया था। उसके सवा महीने बाद महिला भी अपने सात माह के बच्चों को लेकर कहीं चली गई। मां-बाप का कुछ पता नहीं चलने पर बच्चे भी परेशान हो गए। इस खबर को जनवाणी अखबार ने सबसे पहले प्रमुखता से प्रकाशित किया।
जिसके बाद जिलाधिकारी जसजीत कौर व एसपी विनीत जायसवाल ने इस मामले को प्रमुखता से लिया। तब चाइल्ड केयर ने बच्चों की मौसी को तलाश करते हुए चारो बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया था। मौसी बच्चों को लेकर अपने गांव दूधली थाना चरथावल लेकर चली गई थी।
अखबारों में खबर पड़ने के बाद एक सप्ताह पहले ही महिला भी अपने मासूम बच्चे को लेकर अपनी बहन के यहां पहुंच गई। महिला ने अपने बच्चों के सामने जो खुलासे किए उसके बाद से बच्चे भी अपने कथित पिता के साथ नहीं रहना चाहते हैं। फिलहाल बच्चे अपनी मां व मौसी के साथ गांव में खुश हैं।
चिकित्सक दंपति कर रहे मदद
जब माता-अपने बच्चों को मकान मालिक के पास छोड़ गए थे और मामला अखबार की सुर्खियां बना था, तब शामली में रोटरी क्लब शामली मिडटाउन के अध्यक्ष और मां सावित्री हॉस्पिटल के संचालक डाक्टर रीतिनाथ शुक्ला व उनकी पत्नी डा. नीलम शुक्ला सामने आए थे। उन्होंने चारो बच्चों को गोद ले लिया था।
डा. रीतिनाथ ने बच्चों को एक माह का मकान किराया और एक माह का राशन दिया। पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल ने भी राशन किट पहुंचाई थी। बाद में बच्चों को चाइल्ड केयर ने मौसी के पास सौंप दिया। यह पूरा मामला डीएम जसजीत कौर की निगरानी में हुआ। डा. रीतिनाथ और डा. नीलम ने भी डीएम से इस बारे में बात की थी।
डीएम से वार्ता के बाद एक बार फिर डा. रीतिनाथ शुक्ला व डा. नीलम शुक्ला जनवाणी के रिपोर्ट को साथ लेकर गांव सड़क दूधली चरथावल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना। चिकित्सक दंपति ने मां और मौसी तथा बच्चों से उनका हाल जाना। सभी प्रसन्न नजर आए लेकिन अपने कथित पिता के प्रति नफरत भी देखने को मिली।
चिकित्सक दंपति ने उन्हें राशन व सिलेंडर खर्च, दवाइयां और फलत भेंट किए। साथ ही स्कूल खुलते ही बच्चों का एडमिशन कराने तथा पढाई खर्च वहन करने का भी जिम्मा लिया। डा. रीतिनाथ शुक्ला का कहना है कि महिला उक्त व्यक्ति के बहकावे में आकर छली गई है जिसमें बच्चों का कोई कसूर नहीं है।
मित्र को ठगकर पत्नी को भगा लाया था युवक
महिला अपने पत्नी और चार बच्चों के साथ सहानपुर में किराये के मकान में रहती थी। उसी मकान में संजय नाम का युवक भी रहता था। जिसने महिला के पति को अपने जाल में फंसा रखा था। कई सालों तक उसके खर्च पर ही चलता रहा। तीन साल पहले अपने अच्छे मित्र से पैसा लेकर उसकी पत्नी को बहलाकर ले गया।
महिला अपने चार बच्चों को नहीं छोड़ सकी। जिसके बाद वह पानीपत में आकर रहने लगे। तीन साल तक उन्होंने शादी नहीं की और साथ रहते रहे। पानीपत से वह शामली में टंकी रोड पर सुनील के मकान में आ गए थे और यहीं पर महिला ने उक्त युवक संजय के बेटे को जन्म दिया था।
महिला ने बताया कि पानीपत में रहते हुए संजय चोरी व जेब काटने के धंधे में लिप्त हो गया था। शामली में भी उसने बहुत से लोगों को नौकरी लगवाने, लोन दिलाने व अन्य झांसा देकर रुपये ऐंठ रखे हैं। आज भी संजय की तलाश में हैं।

