जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर द्वारा एनसीबी (मुंबई) के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े को समर्थन देने के बाद महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अरुण हलदर आप एक संवैधानिक पद पर बैठे हैं उसकी गरिमा रखें।
मैं अपने बात पर अब भी कायम हूं कि वो एससी सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़ा करके उस पद पर बैठे हैं, उन्होंने एक गरीब एससी का अधिकार छीना है। उन्होंने कहा कि यह बात भी बिल्कुल सच है कि समीर वानखेड़े ने धर्म परिवर्तन नहीं किया क्योंकि वे जन्म से मुसलमान हैं, उनके पिता ने धर्म परिवर्तन किया था।
मेरे वकील बेटे का ब्रेनवॉश किया गया
उन्होंने कहा कि जब मैंने समीर वानखेड़े के खिलाफ आरोप लगाना शुरू किया, तो मेरे जानने वालों ने मुझे रुकने के लिए कहा। मेरे वकील बेटे का अन्य वकीलों द्वारा ब्रेनवॉश किया जा रहा था और वह मुझे रुकने के लिए कह रहा था।
हलदर ने वानखेड़े का किया समर्थन
अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने समीर वानखेड़े का समर्थन करते हुए कहा था कि समीर वानखेड़े ने कोई धर्म परिवर्तन नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के किसी अधिकारी पर अगर कोई जातिगत आधार पर आरोप लगाएगा तो आयोग चुप नहीं बैठेगा।
अरुण हलदर ने कहा कि इस तरह की घटना को लेकर राजनीति नहीं करनी चाहिए। अरुण हलदर ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर सभी को समीर वानखेड़े का समर्थन करना चाहिए।
अरुण हलदर ने कहा कि समीर वानखेड़े के मामले पर आयोग विचार करेगा और अगर समीर वानखेड़े अनुसूचित जाति से होंगे तो आयोग उनके साथ खड़ा होगा।
रामदास अठावले से मिला वानखेड़े का परिवार
एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े और पत्नी क्रांति रेडकर वानखेड़े ने सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले से मुलाकात की।

