Tuesday, July 27, 2021
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देश में मजबूत विपक्ष और कांग्रेस में ‘संतुलन’ की जरूरत: कपिल सिब्बल

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जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के नेता कपिल सिब्बल ने एक बार फिर अपनी पार्टी की अंदरूनी कलह और देश के राजनीतिक हालात पर बयान दिया है। उनका कहना है कि देश को इस समय मजबूत विपक्ष और कांग्रेस पार्टी के भीतर अंदरूनी संतुलन बनाने की जरूरत है।

सिब्बल ने पीटीआई से कहा कि भारत को पुनरुत्थानवादी कांग्रेस की जरूरत है लेकिन पार्टी को यह दिखाने की जरूरत है कि वह सक्रिय है और सार्थक रूप से काम करने की इच्छुक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जल्द ही संगठनात्मक चुनाव कराने, केंद्रीय, राज्य स्तरों पर व्यापक सुधार करने की आवश्यकता है ताकि यह दिखा सके कि अब वह जड़ता की स्थिति में नहीं है।

सिब्बल ने यह भी कहा कि देश में राजनैतिक विकल्प की कमी है। देश को मजबूत, विश्वसनीय विपक्ष की जरूरत है। कांग्रेस में अनुभवी और युवाओं के बीच संतुलन बनाने की तत्काल आवश्यकता है।

संगठन में व्यापक बदलाव लाना चाहिए। कांग्रेस को भाजपा के व्यवहार्य सियासी विकल्प के तौर पर पेश करने का सुझाव देते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने रविवार को कहा कि कांग्रेस को संगठन के सभी स्तरों पर व्यापक बदलाव लाना चाहिए जिससे यह नजर आए कि वह जड़ता की स्थिति में नहीं है।

सिब्बल पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पार्टी में व्यापक बदलाव के लिए पत्र लिखने वाले जी-23 नेताओं में शामिल थे। उन्होंने उम्मीद जताई कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर हाल में टाले गए सांगठनिक चुनाव जल्द ही कराए जाएंगे।

असम में ऑल इंडिया युनाइडेट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) और पश्चिम बंगाल में इंडियन सेक्यूलर फ्रंट (आईएसएफ) के साथ पार्टी के गठबंधन को ‘सुविचारित नहीं’ बताते हुए सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस जनता को यह समझाने में विफल रही कि देश के लिए अल्पसंख्यक व बहुसंख्यक संप्रदायवाद समान रूप से खतरनाक है। उन्होंने हाल के विधानसभा चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिये इसे एक कारण के तौर पर रेखांकित किया।
सिंधिया और जितिन की बात

ज्योतिरादित्य सिंधिया और अब जितिन प्रसाद जैसे युवा नेताओं के भाजपा में जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनुभव व युवाओं के बीच संतुलन बनाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने पूर्व में कहा था कि ‘आया राम, गया राम’ की राजनीति से अब यह ‘प्रसाद की राजनीति’ तक पहुंच गई है और पूछा कि क्या जितिन प्रसाद को भाजपा से प्रसाद मिलेगा। उन्होंने संकेत दिए कि नेता अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए पार्टी छोड़कर जा रहे हैं।

सिब्बल ने कहा कि फिलहाल, निश्चित रूप से एक मजबूत राजनीतिक विकल्प की जगह खाली है। ठीक इसी संदर्भ में, मैंने अपनी पार्टी में कुछ सुधार के सुझाव दिए थे, जिससे देश के पास एक मजबूत व विश्वसनीय विपक्ष हो। उन्होंने कहा कि लेकिन इसका क्या नतीजा निकलता है इस बारे में भविष्यवाणी के लिये मेरे पास कुछ नहीं है। लेकिन मुझे विश्वास है, एक वक्त आएगा जब इस देश के लोग यह तय करेंगे कि उनके लिए क्या अच्छा है।

अनुभवी नेता ने कहा कि भारत को फिर से उठ खड़ी होने वाली कांग्रेस की जरूरत है और पार्टी को अपनी चुनावी रणनीति बनाने के लिये सही लोगों को इसके लिए लगाने की जरूरत है जिससे वह सरकार की विफलता पर रणनीति तैयार कर सके। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में गैर भाजपाई दलों की जीत ने भाजपा के अजेय न होने की बात दिखाई है और यह भी कि मजबूत विपक्ष होने पर उसकी हार की गुंजाइश है।

सिब्बल ने कहा कि भारत को कांग्रेस के पुनरुत्थान की जरूरत है। लेकिन उसके लिये पार्टी को यह दिखाना होगा कि वह सक्रिय, उपलब्ध और सजग है तथा अर्थपूर्ण रूप से भिड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ऐसा होने के लिए हमें केंद्रीय और राज्य स्तर पर सांगठनिक पदानुक्रम में व्यापक रूप से सुधार करने की जरूरत है जिससे यह दिखाया जा सके कि पार्टी अब भी एक ताकत है और जड़ता की स्थिति में नहीं है।

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