- नलकूप पर मीटर लगे, यह कतई नहीं चाहते किसान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नलकूपों पर मीटर लगाए जाने को लेकर किसानों में नाराजगी है। किसान मीटरों को उखाड़कर ऊर्जा भवन में जमा करा रहे हैं तथा आंदोलन भी चला रहे हैं। पिछले दिनों ऊर्जा निगम पर भाकियू और अन्य किसान संगठनों ने प्रदर्शन और एमडी का घेराव किया था।
किसान नलकूप पर मीटर लगे, यह कतई नहीं चाहते। उधर, दूसरी तरफ ऊर्जा निगम के एमडी मीटर लगाने की योजना को किसानों के लिए भी लाभकारी बताते हैं। उनका दावा है कि इस योजना से किसानों के बिजली बिलों पर पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा। ऊर्जा भवन पर कई दिन तक आंदोलन कर चुके किसानों की नाराजगी के संबंध में एमडी अरविंद मलप्पा का कहना है कि पूर्व में दिए गए नलकूप कनेक्शनों पर वर्तमान में कितने हार्सपावर का मोटर प्रयोग किया जा रहा है, इसका पता लगाने के लिए मीटर सबसे सही प्रक्रिया है।

विभाग यह मानकर चल रहा है कि पूर्व में अगर पांच किलोवाट के मोटर से पम्प चल जाता था तो जलस्तर गहरा हो जाने के कारण उससे कहीं अधिक पावर की जरूरत पड़ रही है। किसान अपने नलकूपों का बिल निर्धारित दरों पर देते रहेंगे, इसमें कोई परिवर्तन करने की विभाग की कोई योजना नहीं है। लेकिन नलकूपों पर खर्च होने वाली बिजली का पता विभाग को चलना जरूरी है। इसी बढ़े हुए भार के अनुसार क्षेत्र में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिल सकेगी।

