
आज देशभर में बेरोजगारी बेहद गंभीर समस्या बनकर उभर रही है। ऐसे वक्त में जहां बेरोजगारों को सरकार से रोजगार की अपेक्षा है, वहीं सरकार की कार्ययोजना और कार्यप्रणाली की नाकामी के चलते बेरोजगार युवाओं की आशाओं पर पानी फिरता दिख रहा है। आज देश में न सिर्फ स्कूल-कॉलेजों बल्कि विभिन्न नौकरियों के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं के पेपर लीक करवाने और अनुचित तरीके से उम्मीदवारों को पास करवाने का अवैध व्यापार बहुत गंभीर रूप धारण कर चुका है। ताजा खबर राजस्थान से सामने आ रही है, जहां राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से 24 दिसंबर को सैकेंड ग्रेड अध्यापक भर्ती के लिए ली जाने वाली जनरल नालेज की परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद्द कर दी गई। बताया जाता है कि राजस्थान में उदयपुर पुलिस ने सैकेंड ग्रेड अध्यापक भर्ती परीक्षा में नकल गिरोह का पदार्फाश कर मास्टरमाइंड समेत 55 लोगों को गिरफ्तार किया है। राजस्थान में पेपर लीक का सिलसिला फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रहा। कड़े नियम-कानून और सख्ती को ताक पर रखते हुए सॉल्वर गैंग अपने मंसूबों में लगातार कामयाब हो रहा है। कितने बड़े दुर्भाग्य की बात है किसी भर्ती परीक्षा के लिए बेरोजगार युवा पहले भारी संख्या में आवेदन करते हैं, पूरी मेहनत से तैयारी करते हैं, दूर-दराज इलाकों में पड़े परीक्षा केंद्रों पर पहुंचते हैं और आखिर में पेपर लीक हो जाता है। बता दें कि यह एक या दो बार की बात नहीं, बल्कि कई बार ऐसा हो चुका है। अब भर्ती आते ही युवाओं को परीक्षा रद्द होने का खतरा रहता है।
आज राजस्थान में पेपर के लीक होने की खबरें आम चलन में हैं। इससे पहले आरएएस, एलडीसी, कांस्टेबल सहित कई भर्तियों में या तो पेपर लीक होने के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई या फिर सवालों में गफलत के चलते परीक्षाएं निरस्त हो गईं। इन भर्ती परीक्षाओं को बाद में फिर से आयोजित कराना पड़ा। फिर से परीक्षा आयोजन के चलते बेरोजगार अभ्यर्थियों को आर्थिक मार झेलनी पड़ती है। लेकिन इन सब के बावजूद भी राजस्थान सरकार अपनी कार्यप्रणाली में आवश्यक सुधार को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही।
आज कमोबेश सभी राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही है, जो बेहद चिंताजनक है। मालूम हो कि 28 नवम्बर को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी पेपर लीक हो जाने के कारण स्थगित करनी पड़ी। गुजरात अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड यानी जीएसएसएसबी द्वारा 12 दिसंबर को हैड क्लर्कों के 183 पदों के लिए ली जाने वाली परीक्षा का पेपर लीक किए जाने के मामले में 9 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया जबकि 3 अन्य की तलाश जारी है।
वहीं 12 दिसम्बर को ही हुई अध्यापकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी) में हेराफेरी करने के आरोप में महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद के आयुक्त तुकाराम सुपे को 17 दिसम्बर को गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही, 16 दिसम्बर को हरियाणा के बहुचर्चित पेपर लीक मामले के मास्टरमाइंड दिल्ली पुलिस के सिपाही रोबिन को एस.टी.एफ. ने गिरफ्तार किया जो स्वयं भी फर्जी तरीके से 2009 में दिल्ली पुलिस में भर्ती हुआ था।
गौरतलब है कि 27 मार्च को जम्मू-कश्मीर सर्विसेज सिलैक्शन बोर्ड यानी जेकेएसएसबी की ओर से लेखा सहायकों के विभिन्न पदों की नियुक्ति के लिए ली जाने वाली परीक्षा में अनियमितता तथा प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में दोषियों की तलाश में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। इसके अलावा, 26 और 27 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से सहायक इंजीनियर (सिविल) परीक्षा के प्रश्रपत्र लीक किए जाने के मामले में सीबीआई ने 9 नवम्बर को 13 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दायर की।
उल्लेखनीय है कि 28 नवम्बर को पश्चिम बंगाल में होने वाली डिप्लोमा इन एलीमैंट्री एजुकेशन की परीक्षा के प्रश्रपत्र लीक के मामलों की जांच सी.आई.डी. को करने का आदेश दिया गया। 23 दिसम्बर को हिमाचल प्रदेश में जूनियर आफिसर असिस्टैंट के लिए 25 दिसम्बर को ली जाने वाली परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की कर्मचारी, उसके बेटे, 2 अभ्यर्थियों व दलाल सहित 5 लोगों को 5 लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि देशभर में पेपर लीक की घटनाएं सिस्टम वीक की ओर इशारा कर रही है। समय रहते सरकारों को इससे निपटने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
प्रश्नपत्र लीक करके और परीक्षाओं में नकल करवा कर वास्तविक उम्मीदवारों का अधिकार छीना जा रहा है। लिहाजा इसके लिए जिम्मेदार लोगों को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या बेरोजगार युवाओं में अवसाद और हताशा की वजह बनेगी। परीक्षा के पारंपरिक तरीकों को छोड़ नए तरीके ढूंढने के साथ-साथ शिक्षा के पैट्रन में भी बड़े स्तर पर बदलाव करने की जरूरत है।


