- कस्बे में 30 संक्रमित मिलने से सरधना के हालात विस्फोटक
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोरोना का हाहाकारी सफर जारी है। शनिवार को 210 केस आने से लोगों में जबरदस्त दहशत है। सरधना कस्बे में तो विस्फोटक हालात बन गए हैं। संक्रमण के यहां तीस केस मिले हैं। कोरोना अपडेट जारी करते हुए सीएमओ डा. अखिलेश मोहन ने संक्रमण के 210 केसों की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस टीम ने अलग-अलग स्थानों से 7398 सैंपल टेस्टिंग के लिए मेडिकल की माइक्रोबॉयलोजी लैब भेजे थे।
जिनमें 210 संक्रमित पाए गए हैं। हालांकि मौत का आंकड़ा 412 पर थमा हुआ है। सबसे ज्यादा बुरी स्थिति कस्बा सरधना में बनी है। यहां संक्रमण के तीस केस आने से दहशत का माहौल है। जिन इलाकों में केस मिले हैं, वहां लोगों को घरों में ही रहने की अपील पुलिस की ओर से की जा रही है। अन्य स्थानों में एक ही परिवार में एक से अधिक संक्रमितों के मिलने का भी सिलसिला जारी है।
ऐसे इलाकों में मयूर विहार, भीम नगर, सिविल लाइन प्रभात नगर, पुरानी कोतवाली ठठेरवाड़ा, मेडिकल जागृति विहार, सदर का वेस्ट एंड रोड बंगला एरिया, जयदेवी नगर, श्रीराम पैलेस दिल्ली रोड, गोविंदपुरी, हनुमापुरी सिविल लाइन, माधवपुरम सरीखे इलाके भी शामिल हैं।
सीएमओ ने बताया कि मेरठ में अब संक्रमितों की संख्या 22930 पहुंच गयी है। संक्रमण की रफ्तार देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी सेंपलों की संख्या बढ़ा दी है। सैंपलों की संख्या और भी बढ़ाए जाने का प्रयास स्वास्थ्य विभाग का है। अब तक कुल 1090793 के सैंपल टेस्ट के लिए भेजे जा चुके हैं। जो भी संक्रमित मिल रहे हैं, स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि सभी को सरकारी कोविड सेंटरों में भर्ती कराया जाए। हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे भी संक्रमित हैं जो होम क्वारंटाइन चाहते हैं। अभी 561 संक्रमित होम क्वारंटाइन हैं।
खतरनाक कोरोना बेपरवाह स्वास्थ्य विभाग
कंकरखेड़ा में कोरोना बीमारी एक बार फिर से खतरनाक रूप धारण कर चुकी है। लगातार कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग बिल्कुल गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। श्रद्धापुरी फेज-टू निवासी एक व्यापारी कोरोना पॉजिटिव निकला और स्वास्थ्य विभाग से फोन तो आया, लेकिन उपचार के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई नहीं। अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम किए गए।
फोन पर पूछकर स्वास्थ्य विभाग ने खानापूर्ति कर दी। श्रद्धापुरी फेज-दो निवासी ब्रजभूषण गुप्ता पुत्र स्व. जगन्नाथ गुप्ता ने बताया कि वह करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था। दो दिन पूर्व उसने टेस्ट कराया तो वह कोरोना वायरस पॉजिटिव निकला।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से उसके पास टीम भेजने के लिए फोन आया, लेकिन उसका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर तक नहीं पहुंची और अन्य लोगों के भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार सरकारी कर्मचारियों को इस बीमारी से निपटने के लिए निर्देश दे रहे हैं, लेकिन सरकारी कर्मचारी ही मुख्यमंत्री के आदेश को पलीता लगा रहे हैं।
ब्रजभूषण गुप्ता का कहना है कि एक तरफ तो इस बीमारी से निपटने के लिए नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया। साप्ताहिक बंदी का सख्ती से पालन करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन बीमारी के प्रति स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं दिखाई दे रहा है। ब्रजभूषण गुप्ता फिलहाल बीमार अवस्था में ही घर पर है और स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने का इंतजार कर रहे हैं।

कोरोना: तीन दिन के अंदर छात्रों को खाली करना होगा हॉस्टल
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए विवि में शुक्रवार को विवि कुलपति की अध्यक्षता में प्रशासनिक अधिकारियों और मुख्य छात्रावास अधीक्षक की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें कोविड की परिस्थितियों पर विचार विमर्श करने के बाद निर्णय लिया गया कि विवि परिसर के समस्त पाठ्यक्रमों का पठन-पाठन और कक्षाएं अग्रिम आदेशों तक आॅनलाइन माध्यम से सपंन होगी।
इसलिए विवि परिसर स्थित सभी हॉस्टल छात्र-छात्राओं को तीन दिन के अंदर खाली करने होंगे। कुलपति एनके तनेजा ने निर्देश देते हुए कहा कि 12 अप्रैल तक हॉस्टल खाली होने के बाद मुख्य छात्रावास अधीक्षक कक्षों का अधिग्रहण प्राप्त कर लें। जब तक कोरोना की रफ्तार कम नहीं होगी तब तब कक्षाएं आॅनलाइन संचालित की जाएगी। आॅफलाइन कक्षाओं के लिए छात्र-छात्र-छात्राओं को वेबसाइट के माध्यम से अवगत करा दिया जाएगा।
छात्रावास से संबंधित छात्र-छात्राओं की जो भी धनराशि बकाया होगी उसको छात्रावास में निवास करने की अवधि के अनुपातिक मात्रा के अनुसार छात्र हित को प्राथमिकता प्रदान करते हुए उन्हें वापस कर दिया जाएगा। केवल शोध छात्र-छात्राओं को उनके शोध के निर्देशक द्वारा छात्रावास में रहने की अनुमति प्रदान की जा सकती है।
बता दें कि एक सप्ताह पहले विवि में रजिस्टार और दो अन्य कर्मचारियों समेत एक बीटेक छात्र कोरोना पॉजिटिव पाया गया था,जिसके बाद विवि ने बीटेक परीक्षाओं को रद करने के साथ ही बीटेक छात्रों को हॉस्टल खाली करने के लिए पांच दिन का समय दिया था। कोरोना बढ़ने की वजह से शासन ने आॅनलाइन कक्षाओं की अनुमति प्रदान कर दी है।

