- शहर भर में चल रहे निजी तरण-ताल में मानकों के अनुसार सुविधाओं को पूरा करने का आरएसओ ने दिये हैं निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर में चल रहे निजी और तरण-ताल के लिये अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य करते हुये खेल विभाग द्वारा फार्म भरने की तिथि 25 मई निर्धारित की थी। बुधवार को जब कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में आवेदकों की संख्या के बारे में पूछा गया तो पता चला कि अभी तक मात्र नौ संचालकों ने ही एनओसी के लिये आवेदन पत्र विभाग से खरीदे हैं, जबकि तरण-ताल की संख्या इनसे काफी ज्यादा है। ऐसे में देखने वाली बात यह भी है कि बिना एनओसी के चल रहे स्विमिंग पूल पर कार्रवाई के लिये विभाग एक्शन में कब आयेगा।
तरण-ताल में सुरक्षा व्यवस्थ और सुविधाओं के अभाव के कारण तैराकी के शौकीनों को परेशानी से बचाने को लेकर खेल विभाग ने 17 मई को अधिसूचना जारी कर पूल संचालन के लिए 25 मई तक संचालकों को अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त के निर्देश दिये थे। इसमें यह भी कहा गया था कि इस तिथि के बाद बिना एनओसी के स्विमिंग पूल संचालन करते संचालक मिले तो पूल को सील करने की कार्रवाई की जायेगी। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी योगेंद्र पाल सिंह के कार्यालय से जारी सूचना में कहा गया था कि प्रत्येक तरणताल के संचालक द्वारा वार्षिक रजिस्ट्रेशन 15000 एक मुश्त मुश्त जमा कर तरणताल के संचालन के लिए एनओसी दिये जाने के निर्देश है।
इसके लिये प्रशासन की ओर से जिला स्तरीय तकनीकी जांच समिति गठित की गई है, जिसकी संस्तुति के बाद ही एनओसी दिये जाने का प्रावधान दिया था। बुधवार को विभाग द्वारा मात्र नौ आवेदकों द्वारा ही पूल के लिए एनओसी फार्म भरने की बात सामने आई। जबकि स्विमिंग पूल इससे कहीं ज्यादा संख्या में संचालित हैं। हालांकि इस मामले में विभाग द्वारा साफ तौर पर बिना एनओसी पूल चलाने पर सीलिंग कार्रवाई की बात कही है। अब देखना यह है कि टीम कब एक्शन में आती है।
ट्रैक पर उतरीं चार पैसेंजर ट्रेनें, संगम भी संचालित
मेरठ-खुर्जा सेक्शन में बुलंदशहर में पुल नंबर-32 पर कार्य चलने से दूसरे दिन उक्त ट्रैक पर दो दिन ट्रेनों का संचालन बंद रहने के बाद बुधवार को चार पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। बुलंदशहर रेलवे स्टेशन पर पुल नंबर-32 पर सोमवार से कार्य चल रहा था। दो दिन चले इस कार्य के कारण मेरठ-खुर्जा ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। सोमवार और मंगलवार को उक्त लाइन पर मेरठ सिटी स्टेशन से खुर्जा जंक्शन जाने वाली 04280 पैसेंजर, खुर्जा जंक्शन से मेरठ सिटी स्टेशन जाने वाली 04281 पैसेंजर, मेरठ सिटी स्टेशन से खुर्जा जंक्शन जाने वाली 04282 पैसेंजर और खुर्जा जंक्शन से मेरठ सिटी स्टेशन आने वाली 04279 पैसेंजर रद्द रही। उधर मंगलवार को मेरठ सिटी स्टेशन से प्रयागराज जाने वाली 14164 संगम एक्सप्रेस को पांच घंटा विलंब से रवाना किया गया था। बुधवार को उक्त सभी ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। हालांकि बुधवार को 04279 पैसेंजर बुधवार को रद्द रही। उक्त ट्रेन गुरुवार से संचालित की जाएगी।
नगर निगम के फर्जी सुपरवाइजर मामले ने पकड़ा तूल
जब अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेंगे, तभी ऐसा हो सकेगा कि कोई कर्मचारी अपनी ड्यूटी छोड़कर दूसरे वार्ड में फर्जीवाड़ा कर न सिर्फ सुपरवाइजर बन जायेगा। यह मामला नगर निगम के वार्ड-39 में कार्यरत सफाई कर्मचारी ज्योति से जुड़ा हुआ है। ज्योति ने शासनादेश के विपरीत अपने को वार्ड-56 का सुपरवाइजर घोषित करते हुए वहां कार्यरत अपने सहकर्मियों को धमकाना शुरू कर दिया। जबकि इस मामले में उच्च न्यायालय ने आदेश दे रखे हैं कि नगर निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को उनके मूल पद से उच्च स्तर का कार्य न लिया जाये, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार करते हुए नगर निगम में फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। इसी मामले में बुधवार को नगर निगम के वार्ड-56 के कई कर्मचारियों ने सीएम पोर्टल पर फर्जी सुपरवाइजर की शिकायत करते हुए उसे अधिकारियों की शह मिलने की बात कही है। सीएम पोर्टल पर ही बुधवार को नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के साथ-साथ प्रह्लाद नगर निवासी अमित रस्तौगी ने भी इस फर्जीवाड़े की सबूतों के साथ शिकायत की है तथा उस अधिकारी के नाम का भी खुलासा किया है, जिसकी शह पर यह पूरा खेल किया जा रहा है।

