- अगले माह से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन में भी कारोबार की उम्मीद न के बराबर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोविड-19 से उत्पन्न हुई परिस्थितियों का असर अभी तक सर्राफा बाजार में देखने को मिल रहा है। भले ही शासन द्वारा अनलॉक-4 की प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद सराफा बाजार में ग्राहकों की रौनक नहीं लौटी है। महीनों बाद भी सर्राफ बाजार व्यापारी स्थिति में बदलाव की आस में हैं।
हालांकि, बाजार व्यापारियों का कहना है कि संक्रमण को देखते हुए आने वाले कुछ माह तक भी संकट से उबरने की कोई उम्मीद नहीं है।
वहीं, दूसरी ओर दिनोंदिन सोने के भाव भी आसमान छूते जा रहे हैं। जिस कारण ग्राहक भी सोने के रेट गिरने की टकटकी लगाए बैठे हैं, लेकिन सोने के रेट में उतार चढ़ाव के कारण ग्राहकों का टोटा सराफा बाजार में है। ऐसे में सराफा व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
दरअसल, सहालग में सोने की खूब बिक्री होती है, लेकिन इस बार लॉकडाउन के कारण शादियां भी सादगी के साथ ही की जा रही हैं। जिस कारण सोने की खरीद में काफी गिरावट देखी जा रही है।
अनलॉक-4 के तहत शादियों में दी गई छूट के अनुसार नवंबर से शुरु होने जा रहे शादी समारोह के सीजन में कुछ उम्मीद देखी जा रही है, लेकिन जिस तरह से महामारी ने लोगों की जेबों पर असर डाला है, ऐसे में संकोच की स्थिती अभी बनी है।
महामारी पर निर्भर करते हैं सोने के भाव
सोने के दामों में पिछले दिनों से भारी उछाल आ रहा है। वहीं, गिरावट कम ही देखने को मिल रही है। आगे भी सोने के दाम महामारी के आसार पर ही निर्भर करते हैं। अगर, आगामी महीनों में संक्रमण के बीच स्थिति यदि सामान्य हो पाती है तभी सोने के दामों में गिरावट देखने को मिल सकती है।
ऐसे में अगर स्थिति ज्यों की त्यों ही बनी रहती है तो आने वाले त्योहारी सीजन में भी सर्राफा बाजार को संक्रमण का दंश झेलना पड़ सकता है।

दीवाली, दशहरा जैसे त्योहारी सीजन में कुछ उम्मीद है, लेकिन यह अंतर्राष्ट्रीय मार्केट पर निर्भर करता है कि उस समय रेट क्या होंगे? इन दिनों सोने के भाव में आए दिनों उतार चढ़ाव आ रहा है। ऐसे में कुछ उम्मीद तो है, लेकिन इसकी संभावनाएं बेहद कम ही हैं। -अमित रस्तोगी

अगर महामारी की वैक्सीन आ जाती है, या फिर संक्रमण काबू में आ जाए तब ही कुछ संभावनाएं फेस्टिवल सीजन में हैं। सोने के रेट भी इसी पर निर्भर करते हैं, लेकिन आने वाले महीनों में भी उम्मीद कम ही है। -संजय रस्तोगी

संक्रमण के भय के कारण भी अभी ग्राहक नहीं आ पा रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और एयर कंडीशन में न जाने की वजह से भी ग्राहक आने से बच रहे हैं। जिससे व्यापार चौपट हो रहा है। -प्रियांशु


और धैर्य कर लो भाई।