- लूट, अपहरण और जमीनी रंजिश में कम हुए मर्डर
- पति, पत्नी, बहनोई जैसे नाजुक रिश्तों का हो रहा खून
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सामाजिक मूल्यों में तेजी से गिरावट आ रही है और अपराध का तरीका और कारण भी बदलते जा रहे हैं। पहले लूट, अपहरण, बलात्कार के बाद हत्याओं के मामले ज्यादा सुने जाते थे, लेकिन अब क्रांतिधरा पर हत्या की थ्योरी बदलती जा रही है। अब होने वाली हत्या की वारदातों में सबसे ज्यादा खून से सने हाथ अपनों के आ रहे हैं। जिन रिश्तों की समाज में सर्वाधिक मान्यता है उन्हीं रिश्तों को कातिल बनने में पल भर भी नहीं लग रहा है। अब पति, पत्नी, मां और बहनोई जैसे रिश्तें खून से लाल हो रहे हैं।
इंसान किस पर विश्वास करे और किस पर न करे, यह बहस का मुद्दा हो सकता है लेकिन जिस तरह से हत्या की हालिया घटनाओं का खुलासा हुआ है और उनमें कातिल सामने आयें है उनको देखकर किसी की भी पैरों तले जमीन खिसक सकती है। अकेले नौचंदी थाना क्षेत्र को देखे तो पिछले दिनों बहनोई ने अपनी सास और सौतेली बेटी की निर्मम हत्या सिर्फ पैसों और संपत्ति के लालच में कर दी थी।
कल्पना कर सकते हैं कि बहनोई जैसा वीआईपी रिश्ता कत्ल का मुलजिम बन सकता है। अब ड्राइवरी करने वाले प्रदीप शर्मा की हत्या का जब खुलासा हुआ तो उसमें मुख्य कातिल भले दो शूटर रहे हों लेकिन कत्ल की रुपरेखा बनाने में पत्नी नीतू शर्मा का नाम सामने आया। शास्त्रीनगर के एल ब्लाक के लोगों के मुंह से कत्ल की आरोपी नीतू के लिये बददुआयें ही निकली और लोग बोले भी कि पत्नी कातिल भी हो सकती है।

हस्तिनापुर में भी बड़ी निर्ममता से रिश्तों का खून हुआ जब बहनोई ने अपनी सलहज और उसके पांच साल के बेटे की निर्मम हत्या कर दी गई। बहनोई का रिश्ता कितना नाजुक होता है और लोग पूजते भी हैं लेकिन पैसों और संपत्ति के लालच में बहनोईयों ने दो परिवारों को तहस नहस कर दिया। इन रिश्तों से अलग बाप और बेटी का पवित्र और भावुक रिश्ता होता है।
लिसाड़ीगेट में एक निर्मम पिता ने अपनी बेटी सानिया का सिर को धड़ से अलग कर दिया और सिर को नाले में फेेंक दिया था। बेटी का प्यार करना पिता का मंजूर नहीं था। सरधना के गढ़ी गांव में एक भाई ने अपनी बहन के प्राइवेट पार्टस में गोली मारकर हत्या कर दी क्योंकि बहन किसी युवक से प्यार करती थी। ब्रहमपुरी थाना क्षेत्र के गौरीपुरा में सराफा व्यापारी विनोद वर्मा को उसके कलियुगी बेटे किशन ने मामूली विवाद पर गोली मार दी जिससे उसकी मौत हो गई।
किशन ने दहशत फैलाने के लिये खुद को कमरे में बंद करके गोलियां भी चलाई थी। एसपी सिटी पीयूष कुमार सिंह का इस बारे में कहना है कि समाज का ट्रेंड कितना बदल रहा है और जिन रिश्तों पर सबसे ज्यादा विश्वास किया जाता है वही रिश्ते अक्सर खून के प्यासे निकल रहे हैं।
अब हत्याओं का अंदाज बदल रहा है। समाजशास्त्री बेला विश्वास का कहना है कि समाज में गिरावट आ रही है और लोग रिश्तों को अपनी शर्तों से चलाना चाहतें हैं और आपसी विश्वास और भरोसा खत्म होने से रिश्तों के खून में तेजी आ रही है। तेज रफ्तार जिंदगी में खोते मूल्य इसका कारण हैं।

