Wednesday, March 18, 2026
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किसी ने नहीं की सुनवाई, लोगों की जान पर बन आई

  • प्रशासन की लापरवाही से बढ़ गई बिगड़े हालात
  • तीन दिन से टंकी में आ रहा दूषित पानी
  • शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने सुध नहीं ली

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: मंडी चमारान मोहल्ले में बीमारी का तांडव एक दिन में नहीं मचा है। बीमारी ने तीन दिन पहले ही गरीब-मजदूरों पर पंजा मारना शुरू कर दिया था। लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की कि पानी से झाग उठ रहे हैं। मगर किसी ने कोई सुध नहीं ली। पहले दिन आधा दर्जन, दूसरे दिन एक दर्जन तो सोमवार को तीसरे दिन मरीजों की संख्या सौ के करीब पहुंच गई।

हालात यह हो गए कि अस्पतालों में मरीजों के लिए जगह नहीं बची। जिसके बाद अधिकारियों ने बस्ती की ओर दौड़ लगानी शुरू की। इससे भी दुखद यह है कि सुबह से शुरू चीख-पुकार के बाद भी दिनभर अधिकारी भागदौड़ में लगे रहे। लोगों को टंकी का पानी पीने से मना कर दिया। मगर उसके स्थान पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। शाम को एक टैंकर पेयजल आपूर्ति के लिए बस्ती में भेजा गया।

रात तक हालात बेकाबू नजर आए। मंडी चमारान मोहल्ले में अधिकांश आबादी गरीब व मजदूर वर्ग की है। यहां पेयजल आपूर्ति के लिए दो नलकूप लगे हुए हैं। पुराने नलकूप से दूषित पानी की शिकायत सामने आ रही थी। तीन दिन से देखा जा रहा था कि पानी में झाग उठ रहे हैं। जिसे पीकर कई लोग बीमार पड़ गए। उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हो रही थी। लोगों ने मामले की जानकारी वार्ड सभासद व अधिकारियों को दी।

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आरोप है कि प्रशासन ने कोई सुध लेने की जरूरत नहीं समझी। जिसका नतीजा यह हुआ कि रविवार को मरीजों की संख्या बढ़ गई। सोमवार की सुबह होते-होते पूरी बस्ती में चीख पुकार मच गई। करीब सौ लोग जिनमें महिला और बच्चें भी शामिल है, उल्टी दस्त से जूझने लगे। मरीजों को आनन-फानन में नगर के निजी अस्पताल व क्लीनिक में भर्ती कराया गया। कुछ मरीज सीएचसी भेजे गए।

हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नगर के सभी अस्पताल फुल हो गए। जिसके चलते बाकी मरीजों को मेरठ व कंकरखेड़ा रेफर किया गया। सूचना जिले तक पहुंची तो अधिकारी हरकत में आए। सीएमओ अखिलेश मोहन, एसडीएम सत्यप्रकाश, तहसीलदार नटवर सिंह आदि अधिकारी मौके पर जांच करने पहुंचे। पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए।

गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता कि अधिकारियों ने लोगों को पानी का सेवन करने से मना कर दिया। मगर उसके स्थान पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। पूरे दिन लोग पानी के लिए भटकते रहे। लोगों ने विरोध किया तो शाम को एक टैंकर पालिका की ओर से पेयजल आपूर्ति के लिए भेजा गया।

नेता भी पहुंचे सुध लेने

सूचना मिलने पर विधायक अतुल प्रधान बस्ती में व अस्पताल में लोगों से मिलने पहुंचे। इसके अलावा पूर्व विधायक संगीत सोम ने भी सीएचसी पहुंच कर मरीजों की हालत जानी। साथ ही अधिकारियों को मामले में गंभीरता दिखाते हुए मरीजों को बेहतर इलाज दिलाने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।

तीन दिन से चल रही थी परेशानी

बस्ती के लोगों व वार्ड सभासद सुभाष वेद ने बताया कि टंकी से तीन दिन से दूषित पानी आ रहा है। पानी में बदबू आ रही है और पानी में झाग उठ रहे हैं। लोगों ने मामले की शिकायत पालिका प्रशासन से की थी। मगर किसी ने मौके पर जाकर देखना गवारा नहीं समझा। जिसका नतीजा यह हुआ कि बस्ती के अधिकांश घरों में लोग बीमार पड़ गए।

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