नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। अफगानिस्तान के काबुल स्थित ऐतिहासिक एरियाना सिनेमा अब पूरी तरह से नष्ट हो चुका है। 16 दिसंबर को तोड़फोड़ करने वाली टीमों ने इस सिनेमा को गिराने की प्रक्रिया शुरू की। यह सिनेमा दशकों तक क्रांति और युद्ध के संकटों का सामना करता रहा। भले ही यह बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था, फिर भी यह अफगान जनता का मनोरंजन करता रहा। लोग यहां बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों का आनंद लेने के लिए आते थे।
सिनेमाघर को तोड़े जाने पर अफगान फिल्म निर्देशक और अभिनेता आमिर शाह तलाश ने अपनी राय दी, जिसमें उन्होंने कहा, यह सिर्फ एक ईंट और सीमेंट से बनी इमारत का विनाश नहीं है, बल्कि यह अफगान सिनेमा प्रेमियों का भी दिल तोड़ने का काम है। यह उन लोगों को तोड़ने की कोशिश है जिन्होंने तमाम मुश्किलों के बावजूद संघर्ष किया और अपनी कला को जारी रखा। अफसोस की बात है कि अफगानिस्तान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक निशान अब धीरे-धीरे मिटाए जा रहे हैं।
तालिबान सरकार ने किए बदलाव
अफगानिस्तान में 2021 से तालिबान की सरकार है, जिसने अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद सत्ता संभाली। सत्ता में आते ही तालिबान ने फिल्मों और संगीत को लेकर कई नए नियम-कानून लागू किए। सत्ता पर काबिज होने के कुछ ही समय बाद, तालिबान सरकार ने सभी सिनेमाघरों को बंद करने का आदेश दिया था। इस साल 13 मई को, सरकार ने अफगान फिल्म एडमिनिस्ट्रेशन को भंग करने का एलान किया।
शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना
एरियाना सिनेमा की स्थापना 1963 में हुई थी। अब काबुल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इस सिनेमा को हटाकर वहां एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। काबुल नगर पालिका के प्रवक्ता नियामतुल्लाह बरकजई ने कहा कि नगर पालिका अपनी जमीन का विकास करना चाहती है ताकि आय बढ़ाई जा सके और शहर में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकें।

