- निगम के इंजीनियरिंग विंग के आला अफसरों ने 50 मीटर भूमिगत पाइप लाइन दबाने की दी अनुमति
रामबोल तोमर |
मेरठ: नगर निगम का झूला घोटाला सामने आ चुका हैं। इसकी जांच फिलहाल चल रही है। इसी बीच एक नया घोटाला और प्रकाश में आया है। घोटाला गेल कंपनी से नगर निगम के अफसरों ने मिलकर किया है। गेल कंपनी को निगम के इंजीनियरिंग विंग के आला अफसरों ने 50 मीटर भूमिगत पाइप लाइन दबाने की अनुमति आॅन रिकॉर्ड दी है, जबकि शहर में 500 किमी से ज्यादा पाइप लाइन गेल कंपनी दबा चुकी है।
इसका कोई भुगतान गेल कंपनी ने नगर निगम को नहीं किया है। इस मामले में एक्सईएन निना सिंह की भूमिका सवालों के घरें में हैं, जिनकी शिकायत भी हुई है। गेल को पाइप लाइन बिछाने के आदेश उस दिन किये गए थे, जिस दिन चीफ इंजीनियर छुट्टी पर थे। तब एक्सईएन निना सिंह पर ही चीफ इंजीनियर का भी चार्ज था।
एक आदेश पर चीफ इंजीनियर व एक्सईएन के हस्ताक्षर निना सिंह के ही है। यही वजह है कि इस पूरे प्रकरण में नीना सिंह की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना ये है कि नगरायुक्त मनीष बंसल इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेकर कार्रवाई करते है या फिर नहीं। क्योंकि इसमें बड़ा लेन-देन हुआ है। मुख्य सड़क मार्गों पर भी गेल की पाइप लाइन डाली ही जा रही है, लेकिन उनके लिंक गलियों में बनाये गए है।
घर-घर पहुंचाने के लिए यह सब किया गया है। कोई गली-मोहल्ला ऐसा होगा, जिसमें सड़क की खुदाई नहीं की गई है। एक फुट भूमिगत पाइप लाइन दबाने के लिए नगर निगम को भुगतान करना होगा। इसके लिए बाकायदा नार्मस बनाये गए हैं, लेकिन यहां पर सबकुछ गोलमाल चल रहा है।
इस गोलमाल में कौन-कौन शामिल है, यह तो तभी उजागर होगा, जब इसकी जांच होगी। 50 मीटर की अनुमति लेकर 500 किमी गेल की पाइप लाइन शहर में भूमिगत दबा दी गई। इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए। आखिर इसमें जो भी खेल हुआ है सच तो सामने आना चाहिए। इस मामले की कई पार्षदों ने भी शिकायत की है, जिसकी जांच आरंभ नहीं हो सकी।
मेयर ने जांच को लिखा पत्र
मेयर सुनीता वर्मा गेल के भूमिगत पाइप लाइन दबाने के मामले में बताती है कि उनके संज्ञान में आया है कि अनुमति 50 मीटर की है, जबकि पाइप लाइन 500 किमी दबा दी गई है। इसकी जांच कराने के लिए उन्होंने नगरायुक्त मनीष बंसल को पत्र लिखा है, जिसके आधार पर जांच कराई जाएगी।
जांच पूरी होने के बाद ही इसमें कौन-कौन लिप्त है, तभी बताया जा सकता है। प्रारंभिक जांच पड़ताल में लग रहा है कि इसमें बड़ा गोलमाल हुआ है, जिसमें एक्सईएन निना सिंह की भूमिका स्पष्ट हो रही है। उनके खिलाफ ही कार्रवाई का शिकंजा कसा जा सकता है। इसमें जो भी लिप्त है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग नगरायुक्त मनीष बंसल से की गई है, ताकि सच सामने आ सके।
झूला घोटाले में लिप्त है एक्सईएन
नगर निगम में हाल ही में एक झूला घोटाला सामने आया है, जिसमें एक्सईएन नीना सिंह की भूमिका उजागर हुई है। इसमें कमिश्नर ने भी पत्रावली की मांग की है। पत्रावली नहीं दिखाई जा रही है, जिसके चलते इसमें कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। झूला घोटाला की तरह ही गेल की फाइल में भी गड़बड़ी मिली है, जो जांच पड़ताल के बाद ही सबकुछ सामने आ जाएगा।

