- 10 फरवरी से कक्षा छह से आठ तक की कक्षाओं का होगा संचालन
- 1 मार्च से खुलेंगे कक्षा एक से पांच तक के स्कूल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शोर शराबा और ब्लैक बोर्ड पर उकरते अक्षर, टन-टन बजता घंटा और खेलते कूदते बच्चे ग्यारह माह बाद एक बार फिर से स्कूल जाते नजर आएंगे और स्कूलों में फिर से रौनक लोट आएंगी। कोविड-19 की वजह से पिछले मार्च माह से छात्र-छात्राओं के लिए आॅनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही थी, लेकिन कोविड का कहर खत्म होने के बाद शासन ने स्कूलों को खोलने के आदेश जारी कर दिए गए है।
निर्देशों के अनुसार दस फरवरी से कक्षा छह से आठ और एक मार्च से कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओंं को पहले की भाति संचालित किया जाएगा। हालांकि शासन की ओर से स्कूल खोलने के लिए कई नियम और शर्ते लागू की हैं, जिनका पालन स्कूल और छात्रों को करना होगा।
वहीं स्कूल में जहां 50 प्रतिशत उपस्थिति का नियम लागू होगा वहीं बैठने के लिए भी 6 फीट की दूरी का नियम लागू किया जाएगा। शेड्यूल के अनुसार सोमवार और गुरुवार को पहली और पांचवीं और छठी की कक्षाएं चलेगी। मंगलवार व शुक्रवार को दूसरी और चौथी और सातवीं की कक्षाएं संचालित की जाएगी।
बुधवार और शनिवार को कक्षा तीन व आठवीं की कक्षाएं चलेगी। जिस कक्षा में अधिक छात्र-छात्राएं है वह कक्षाएं दो पालियों में संचालित की जाएगी। कक्षा छोटी होने पर कंप्यूटर,लैब और लाइब्रेरी का प्रयोग छात्र कर सकेंगे।
अभिभावकों को देना होगा घोषणा पत्र
अपने बच्चोंं को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को एक घोषणा पत्र देना होगा। वहीं जो छात्र-छात्राएं घर से ही आॅनलाइ न पढ़ना चाहते है स्कूल उन्हें भी अनुमति देंगे। स्कूल आने वाले छात्र-छात्राएं अपने साथ स्वास्थ व यात्रा संबंधित सेल्फ डिवलेरेशन लेटर लेकर आएंगे।
स्कूल में यदि कोई कोरोना केस मिलता है तो उसे तुरंत आईसोलेट किया जाएगा। शासन की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि स्कूल तो खुल रहे हैं,लेकिन किसी तरह का आयोजन नहीं किया जाएगा। त्योहार,खेलकूद आदि के आयोजनों से बचना होगा। नए पंजीकरण के दौरान भी अभि भ के साथ बच्चों को नहीं बुलाया जाएगा।
इनका है कहना
- गार्गी गर्ल्स स्कूल की वायस प्रिंसीपल डॉ. वागमिता का कहना है कि बच्चों के लिए सही समय पर स्कूल खोलने का शासन की ओर से फैसला लिया गया है। बच्चों के लिए सोशललाइजिंग जरुरी होगी। नए सेशन से पहले बच्चों को वापस प्लेटफार्म पर लाया जा सकता है।
- कालका पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. करमेंद्र का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। स्कूलों में तैयारी पूरी कर ली गई है। अभिभावकों को जागरुक होने की जरुरत है ताकि स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ सकें। छात्रों को स्कूल में प्रवेश मास्क के साथ ही दिया जाएगा।
- आरजी इंटर कॉलेज प्रधानाचार्या डॉ. रजनी रानी शंखधार का कहना है कि शासन ने समय पर स्कूल खोलने का फरमान जारी कर छात्रों के हित में की है। इससे पढ़ाई सही तरीके से हो सकेगी और परीक्षा देने में भी छात्र-छात्राओं को आसानी होगी।

