- एक ग्रामीण ने एनजीटी में की थी खनन की शिकायत
- एनजीटी के आदेश पर आई अधिकारियों की टीम
- छापेमारी के दौरान चलता नहीं मिला खनन
जनवाणी संवाददाता |
खेकड़ा: सांकरौद में यमुना खादर में रेत खनन में अनियमितता की शिकायत पर एनजीटी के आदेश पर अधिकारियों की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान खनन बंद मिला। हालांकि टीम ने सीसीटीवी, तौल आदि सहित पूर्ण ब्योरा जुटाया। साथ ही खनन के पट्टे के अभिलेखों की बारीकी से जांच की।
सांकरौद के यमुना खादर में शासन से स्वीकृत पट्टे पर रेत खनन चल रहा है। रेत खनन को लेकर ग्रामीण शिकायत कर रहे थे। जनपदीय अधिकारियों ने शिकायत पर छापेमारी की थी, लेकिन सब ठीक मिला था। ग्रामीण प्रवीण तेवतिया ने रेत खनन में अनियमितता की शिकायत एनजीटी में की थी। शिकायत पर एनजीटी ने चार सदस्यीय एक टीम का गठन किया।
जिसमें केंद्रीय नियंत्रण प्रदूषण बोर्ड, पर्यावरण वन मंत्रालय, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, प्रशासन से एक-एक सदस्य लिया गया। जिसमें डॉ योगेंद्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय नियंत्रण प्रदूषण बोर्ड से गौरव, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से डॉ प्रीति त्रिपाठी व प्रशासन से एसडीएम अजय कुमार की टीम बनाई गई। सोमवार को टीम ने रेत खनन स्थल पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान खनन बंद मिला। टीम ने खनन स्थल का जायजा लिया। खान में रोजाना होने वाले खनन की जानकारी ली।
खान में लगे हुए कुल वाहनों के विषय में जानकारी की। इसके साथ ही वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जिसमें कैमरे चलते हुए मिले। उन्होंने खनन ठेकेदार से रेत की खाली ट्रक की तौल करने के विषय मे पूछा। साथ ही भरे व खाली ट्रक के वजन के विषय में पूछताछ की। इसके साथ ही उन्होंने खान से रोजाना भरकर जाने वाले वाहनों की संख्या, खनन स्थल का गाटा संख्या, 620 व 634 के रिकार्ड व खनन नक्शा, पर्यावरण विभाग द्वारा जारी की गई एनओसी आदि के रिकार्ड भी लिए।
खनन करने में लगी हुई हेक्सा बकेटर मशीनों की कुल संख्या के विषय में भी जानकारी ली। इसके साथ ही खनन ठेकेदार से गांव की सड़कों निर्माण कराने, पौधरोपण कराने की जानकारी ली। टीम के सदस्यों ने कहा कि वह रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को सौंपेंगे। उधर, खनन स्थल पर छापेमारी करने पहुंची टीम से पहले ही खनन बंद कर दिया गया था। निरीक्षण के समय खनन चलता नहीं मिला।
निरीक्षण करते हैं रिकॉर्ड नहीं
छापेमारी करने आई टीम ने जिला खनन अधिकारी से जब खनन शुरू होने के बाद किए गए निरीक्षण की जानकारी मांगी तो वह बंगले झांकने लगे। उनका तर्क था कि यहां निरीक्षण तो लगातार किए जाते हैं, लेकिन ऐसा कोई रिकॉर्ड तैयार नहीं किया गया है। इस जवाब से छापेमारी करने आई टीम भी आश्चर्यचकित रह गई। बताया जाता है कि निरीक्षण का पूरा रिकॉर्ड विजिट रजिस्टर में दर्ज होता है। निरीक्षण आख्या तैयार होती है, लेकिन यहां तो मनमर्जी ऐसी है कि रिकॉर्ड ही नहीं है।
रात में भी की गई छापेमारी
खनन विभाग की टीम के द्वारा रेत खनन में अनियमितता पकड़ने के लिए रविवार रात में छापेमारी की गई थी। लेकिन रात में खनन बंद था। सोमवार सुबह दूसरी बार छापेमारी की गई, लेकिन दूसरी बार भी खनन बंद मिला। जिसके बाद टीम अभिलेख आदि की जांच कर लौट गई। सवाल यह है कि छापेमारी की सूचना लीक होती है या फिर गोलमाल है, जो खनन बंद मिलता है। टीम के जाते ही फिर खनन शुरू हो जाता है।
खड़े वाहनों के वीडियो बनाकर ले गई टीम
रेत खनन स्थल पर छापेमारी करने आई टीम ने वहां खड़े सभी वाहनों की वीडियो भी बनवाई। जिसे वह अपने साथ लेकर चली गई। टीम ने खनन स्थल की भी वीडियो बनाई है।
विवादों में रहता है खनन
सांकरौद के यमुना खादर में होने वाला रेत खनन जब से यहां पट्टा स्वीकृत हुआ है तभी से विवादों में रहता है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से ग्रामीण शांत थे, लेकिन फिर एनजीटी में शिकायत की गई। पहले भी यहां एनजीटी ने स्टे कर दिया था और खनन बंद हो गया था। अब देखना यह है कि छापेमारी करने आई टीम क्या रिपोर्ट देती है?

