नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में भक्तिभाव और आस्था के साथ मनाया जाता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि का तीसरा दिन मां चंद्रघंटा को समर्पित माना गया है। देवी का यह स्वरूप साहस, शक्ति और शांति का प्रतीक है। इस दिन श्रद्धालु मां चंद्रघंटा की विशेष पूजा कर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। भक्त उनकी प्रिय वस्तुओं का भोग लगाते हैं और पूरे विधि-विधान से आराधना करते हैं, ताकि माता रानी की कृपा से जीवन में शांति, समृद्धि और साहस का संचार हो सके।
मां चंद्रघंटा को खीर का भोग अर्पित करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है। खासकर मखाने और केसर से बनी खीर उनकी पूजा में प्रमुख होती है। ये स्वादिष्ट और पौष्टिक भोग न केवल देवी को प्रिय होता है, बल्कि इसे खाने से भक्तों के स्वास्थ्य में सुधार होता है।
अगर आप भी नवरात्रि के इस पावन दिन मां चंद्रघंटा को खुश करना चाहते हैं, तो मखाने और केसर की खीर बनाकर उनका भोग लगाना न भूलें। इससे आपकी पूजा में विशेष महत्व बढ़ेगा और देवी की कृपा बनी रहेगी।
मखाने की खीर बनाने का सामान
मखाने – 1 कप
दूध – 1 लीटर
चीनी – 1/2 कप
केसर – कुछ धागे
इलायची पाउडर
कटे हुए बादाम और पिस्ता
घी – 1 टेबलस्पून
विधि
मखाने की खीर बनाना काफी आसान है। इसके लिए सबसे पहले तो एक कड़ाही में 1 टेबलस्पून घी गर्म करें। अब मखाने डालकर मध्यम आंच पर हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक भूनें। ध्यान रखें मखाने जलें नहीं। भुने हुए मखाने अलग रख दें।
अब एक गहरे पतीले में दूध डालकर उबालें। जब दूध उबलने लगे, तो आंच धीमी कर दें और इसे तब तक पकाएं जब तक दूध आधा ना रह जाए। बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध तले में लगे नहीं।
अब उबले हुए दूध में भुने हुए मखाने डालें। अच्छी तरह मिलाएं ताकि मखाने दूध में अच्छी तरह से पक जाएं और नरम हों। करीब 10-15 मिनट धीमी आंच पर पकाएं। दूध और मखाने के मिश्रण में चीनी डालें। अच्छी तरह घुलने दें।
फिर केसर और इलायची पाउडर डालकर मिलाएं। कटे हुए बादाम और पिस्ता डालकर हल्का सा मिलाएं। 5 मिनट तक धीमी आंच पर और पकाएं। खीर तैयार है। इसे ठंडा या गरम दोनों तरह से परोसा जा सकता है। अब आप इसका भोग भी लगा सकते हैं।

