- आठ थानों में दर्ज कराए गए धोखाधड़ी के मुकदमे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: डिप्टी सीएमओ बनकर युवकों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर करोड़ों कमाने वाले आरोपी को लालकुर्ती पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ शहर के आठ थानों में धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज है। आरोप है कि धोखाधड़ी करने वाले ने प्रति युवक से दस हजार रुपये से लेकर करोड़ों कमाये हैं।
लालकुर्ती इंस्पेक्टर अतर सिंह ने बताया कि कंकरखेड़ा निवासी मोहित शर्मा पुत्र राम कुमार शर्मा मूल रुप से बुढाना मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। इसने एलएलबी की हुई है। कोरोना काल के बाद से यह बेरोजगार हो गया था। तभी से इसने ठगी करनी शुरु कर दी थी। बताया कि मोहित खुद का डिप्टी सीएमओ बताकर शहर के डाक्टरों को फोन करता था और कहता था कि मेडिकल कालेज में क्लर्कों की भर्ती निकली हुई है अगर कोई इच्छुक हो तो संपर्क कर सकता है। संबंधित डाक्टर अपने स्टाफ से इस बारे में बात करता था।
कोई न कोई युवक नौकरी के लालच में आ जाता था। बताया कि इस ठग के खिलाफ मेडिकल थाने में पहले से चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसके अलावा नौचंदी और परतापुर, हस्तिनापुर थाने में धोखाधड़ी के शिकार लोग मुकदमा करा चुके है। लालकुर्ती थाने में चार मुकदमे पहले दर्ज हुए है। इंस्पेक्टर ने बताया कि लालकुर्ती थाने में बुधवार को वेस्टर्न कचहरी रोड के एक चिकित्सक डा. ब्रजमोहन के स्टाफ के अरुण ने मुकदमा दर्ज कराते हुए मोहित के खिलाफ दस हजार रुपये ठगने का आरोप लगाया है।
इसके एक साथी शेर मौहम्मद से भी दस हजार रुपये ठगे हैं। दरअसल इस ठग के खिलाफ सर्विलांस सेल में तमाम शिकायतें आ रही थी। वहां से जांच होने के बाद संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कराये जा रहे हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि करीब बीस से अधिक लोगों की शिकायतें थाने में आ चुकी है। पकड़ा गया व्यक्ति बेहद शातिर ठग है।
बॉस की ईमेल देख ठगी की शिकार बनी महिला कर्मचारी
साइबर ठगों ने सिविल लाइन क्षेत्र की रहने वाली एक युवती को उसके बॉस के नाम से ईमेल भेजकर हजारों रुपये का चूना लगा दिया। मोहनपुरी की रहने वाली पारुल गोयल के मुताबिक वह एक प्राइवेट फर्म में नौकरी करती हैं। पारुल ने बताया कि गत 21 मार्च को उनके बॉस आनंद कुमार की ईमेल आईडी से उन्हें एक मेल मिली।

जिसमें आनंद कुमार ने अपने एक फेडरल बैंक के खाते में पारुल से कुछ रकम जमा कराने की बात कही। जिस पर विश्वास करके पारुल ने 34 हजार रुपये की रकम इस ट्रांसफर कर दी। पारुल ने बताया कि आनंद ने उन्हें कुछ समय बादउनके पैसे वापस का वादा किया था, लेकिन जब कुछ दिन बीत जाने पर आनंद ने पैसे के संबंध में कोई बात नहीं की तो उन्होंने अपने बॉस आंनद कुमार को फोन किया।
जिस पर आनंद कुमार ने ऐसी कोई ईमेल भेजने से इनकार कर दिया। जिसके बाद पारुल को अपने साथ हुई ठगी की जानकारी मिली। बुधवार को एसएसपी आॅफिस पहुंची पारुल ने पूरे मामले की शिकायत एसएसपी से करते हुए घटना के खुलासे की मांग की है। जिस पर एसएसपी ने साइबर सेल को मामले की जांच के आदेश दिए है।
साइबर ठगों ने सुशीला जसवंत राय की ट्रस्टी के खाते से उड़ाए पौने छह लाख
साइबर ठगों का जाल शहर में लगातार फैलता जा रहा है। साइबर ठग बुजुर्गों को अपना निशाना बनाकर उनके खाते खाली कर रहे है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को सामने आया है। जहां साइबर ठगों ने आॅनलाइन ट्रांजेक्शन कर 90 साल की सुशीला जसवंत राय की ट्रस्टी के खाते से पौने छह लाख रुपये साफ कर दिए है। ट्रस्टी ने साइबर सेल समेत सिविल लाइन और लालकुर्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
बता दें कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के साकेत निवासी 90 वर्षीय शीला गुप्ता सुशीला जसवंत राय अस्पताल की ट्रस्टी है। उनके पास कोई एटीएम कार्ड नहीं है। उन्होंने कभी भी आॅनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं किया और ना ही वह कोई पेटीएम या अन्य एप चलाती हैं। इसके बावजूद साइबर ठगों ने उनके खाते से 47 बार ट्रांजेक्शन कर पांच लाख 75 हजार रुपये साफ कर दिए।
शीला गुप्ता का लालकुर्ती थाना क्षेत्र स्थित आईसीआईसीआई बैंक में खाता है। वह कैंसर से पीड़ित है और बैंक खाते से कोई आॅनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं करती हैं। वह हाल ही में पासबुक में एंट्री कराने के लिए बैंक गई तो पता चला कि उनके खाते से 27 दिसंबर से 29 जनवरी तक 47 बार में पांच लाख 75 हजार रुपये निकाले गए है। उनके खाते में अब मात्र 65 हजार रुपये बचे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि उनका मोबाइल नंबर भी खाते से जुड़ा है और उनके पास कोई मैसेज भी नहीं आया है। शिकायत मिलने पर साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई है।

