Tuesday, January 25, 2022
- Advertisement -
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutतहसील दिवस: फरियादियों के हिस्से में सिर्फ इंतजार

तहसील दिवस: फरियादियों के हिस्से में सिर्फ इंतजार

- Advertisement -
  • मुहर लगी प्रार्थना पत्र वाले फरियादियों की हो रही सुनवाई

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सदर तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस शिविर लगाया गया। अधिकारी शिविर में लोगों की समस्याओं का समाधान के लिए सुबह से ही मौजूद रहे। तहसील दिवस में जहां बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं का समाधान कराने के पहुंचे, लेकिन कुछ ही फरियादी अधिकारियों के पास समस्या लेकर पहुंच पाए बाकी बिना अपनी समस्या बताए ही बाहर से लौट गए। जिन्होंने समस्या बताई उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश कर जल्द समस्या दूर करने के लिए कहा।

शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में सुबह से ही फरियादियों की तहसील में भीड लगने लगी। शिविर के बाहर बैठे कर्मचारी शिकायतों को रजिस्टर में अंकित कर फरियादियों को अधिकारियों के पास भेज रहे थे। वहीं, कुछ फरियादी ऐसे थे जो अपनी समस्याओं को लेकर इधर-उधर भटकते रहे। एक फरियादी ने बताया कि वह अब से पहले भी कई बार तहसील दिवस में आया, लेकिन आज तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।

ऐसे ही वहां पर कई फरियादी मिले, जिन्होंने बताया कि समाधान दिवस में सिर्फ आश्वासन देकर सम्बंधित विभाग को कार्रवाई के लिए कहा जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। पेंशन के लिए भटक रही महिला ने बताया कि यहां बैठे बाबू उन्हें अधिकारियों के पास जाने तक नहीं देते यह कहकर टरका देते हैं कि इसमें अधिकारी कुछ नहीं करेंगे जो करेंगे बाबू करेंगे।

मुहर लगे प्रार्थना पत्र की होती है सुनवाई

समाधान दिवस में जिस शिकायत कर्ता के प्रार्थना पत्र पर तहसील की मुहर लगी होती है। वहीं, प्रार्थना पत्र बाबू अधिकारियों के सामने रखते हैं और अधिकारी भी उसी प्रार्थना पत्र पर ध्यान देते हैं। जिस प्रार्थना पत्र पर मुहर नहीं होती उन्हें वापस भेज दिया जाता है। समाधान दिवस में आए शिकायत कर्ता सतबीर ने बताया कि इतनी भीड़ में अपनी समस्या अधिकारियों को बताना मुश्किल होता है। अधिकारी प्रार्थना पत्र देखकर पूरी बात सुने बिना ही प्रार्थना पत्र दूसरे अधिकारी का दे देते हैं। समाधान दिवस के बाद फिर वही धक्के खाने पड़ते हैं।

तहसील में भी दलाल राज

फरियादियों से उनकी समस्या का समाधान कराने और तहसील कर्मचारियों से सांठगांठ के चलते तहसील में दलाल शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान करने के लिए सुविधा शुल्क लेते हैं। यह हाल शनिवार को सदर तहसील में आयोजित समाधान दिवस में देखने को मिला।

तहसील दिवस में वहां मौजूद ऐसे ही दलाल अपनी पोल न खुल जाए इसके लिए शिकायतकर्ता को अधिकारी के पास तक पहुंचने नहीं दे रहे थे। बाहर से यह कह कर कि उनकी समस्या का समाधान यहां से नहीं तहसील में फला कमरे में जाओ वहां से होगा। पेंशन के चक्कर काट रही महिला ने बताया कि पेंशन पाने के लिए कई दिन से चक्कर काट रही है, लेकिन आज तक किसी भी अधिकारी से नहीं मिल पायी जिसे कागज दिए हैं। वह बाहर से टरका देता है।

25 शिकायत में से तीन का हुआ निस्तारण बाकी के आदेश

तहसील मेरठ में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी के. बालाजी ने प्राप्त शिकायतों को सुनकर उनके निस्तारण करने के अधिकारियोें को निर्देश। सम्पूर्ण समाधान दिवस पर 25 शिकायती प्रार्थना पत्र आए। जिसमें से तीन शिकायतों को मौक पर निस्तारण कर दिया गया। बाकी शिकायतो के निस्तारण के लिए सम्बंधित अधिकारियों को आदेश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आमजन की शिकायतों का निस्तारण मुख्यमंत्री प्राथमिकता में से एक है। इसलिए सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें और शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फोन पर इसकी पुष्टि भी करें। शिकयतों में रासना गांव वालों ने खेत की नाली कब्जा मुक्त कराए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने इस पर तहसीलदार और मेरठ के सम्बंधित थानाध्यक्षों के साथ आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 25 शिकायत पत्र आए। जिसमें तीन शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बाकी शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों को आदेश दिया। इस अवसर पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एडीएम सिटी अजय तिवारी, एसडीएम सदर संदीप भागिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अखिलेश मोहन सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_img
- Advertisment -
- Advertisment -

Most Popular

- Advertisment -
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -

Recent Comments