- भाजपा विधायक अमित अग्रवाल ने कहा-दुकान खाली कराने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाए
- सीईओ कैंट बोर्ड, सदर एसीएम व आरआरटीएस के अधिकारी बैरंग लौटे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट के अधिकारियों को साथ सदर स्थित गंगा मोटर मार्केट में कब्जा लेने पहुंची आरआरटीएस की टीम को लोगों की भीड़ ने दौड़ा लिया। भीड़ ने कैंट बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचारी होने के नारे तक लगा दिये। कहा कि सील अवैध निर्माणों पर नहीं लगाई जा रही हैं तथा गंगा मोटर मार्केट को खाली कराने के लिए कैसे पहुंच गए?
सीईओ कैंट बोर्ड व अन्य अधिकारियों ने सदर गंगा मोटर कमेटी के पदाधिकारियों और कैंट भाजपा विधायक अमित अग्रवाल से बातचीत की। विधायक ने भी स्पष्ट कर दिया कि दुकान खाली कराने से पहले उनकी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इसके बाद ही दुकानों का खाली कराया जाए।
घंटों तक यहां पर भीड़ ने नारेबाजी और हंगामा काटा। कैंट बोर्ड अधिकारियों के खिलाफ भी नारेबाजी की। कैंट के इंजीनियरों के खिलाफ वापस जाओ…वापस जाओ के नारे तक लग गए। बड़ा बवाल खड़ा नहीं हो जाए, इसको देखते हुए कैंट बोर्ड के अधिकारी बैकफुट पर आ गए तथा बोले कि दुकान खाली कराने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी, जिसके बाद ही दुकानों को खाली कराया जाएगा।

कैंट सीईओ ज्योति कुमार और सदर एसीएम ने आश्वस्त किया कि दुकानदारों को पुनर्विस्थापित किया जाएगा, इसके बाद ही दुकानों को खाली कराया जाएगा। इसके बाद ही टीम लौटी। वैसे एक घंटे तक यहां गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। कैंट बोर्ड अधिकारियों को विरोध करने वालों में महानगर मंत्री अंकित सिंघल, मंडल अध्यक्ष विशाल कन्नौजिया, शिवशंकर गुप्ता, अनिल मित्तल, पूर्व सभासद अनिल जैन, अमन गुप्ता व आदि भाजपा कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।
दरअसल, गुरुवार की शाम को कैंट बोर्ड के अधिकारी गंगा मोटर कमेटी की दुकानों को खाली कराने के लिए गए थे। पिछले पन्द्रह दिन से इसी को लेकर मशक्कत चल रही हैं। कैंट क्षेत्र में ही गंगा मोटर कमेटी के लिए दुकानों की मांग की जा रही हैं, लेकिन उनको कैंट बोर्ड ने जगह उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया हैं। इसके बाद से ही ज्यादा बवाल हो रहा हैं।
आरआरटीएस को यह जमीन कैंट बोर्ड ने दे दी हैं। यहां पर रैपिड रेल का स्टेशन बनेगा, जिसकी तैयारी चल रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि वो दुकान खाली करने के लिए तैयार हैं, मगर उन्हें दुकान आवंटित की जाए। पिछले 70 वर्षों से यहां पर गंगा मोटर कमेटी की दुकानें चल रही हैं। इसी का लोगों ने गुरुवार को विरोध कर दिया। विरोध होने के बाद टीम एक घंटा बातचीत करने के बाद वापस लौट गई।

