जनवाणी ब्यूरो |
बलरामपुर: सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण विमल प्रकाश आर्य द्वारा विधिक जागरूकता शिविर में जानकारी दी गयी कि जिन लोगों के पास न्यायालय जाकर अपनी कानूनी समस्याओं को रखने के लिए धन नहीं है, उन्हें बिना पैसे के मुकदमे की निःशुल्क पैरवी कराए जाने हेतु अधिवक्ता मुहैया करायी जायेगी।
इसके अतिरिक्त उन्हें पास्को अधिनियम के बारे में भी जानकारी दी गयी। शासन द्वारा संचालित सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारें में विस्तार से जानकारी दी गयी और कहा कि पात्र व्यक्तियों को शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ शतप्रतिशत् मिलना चाहिए। सह हिस्से वाली जमीन क्रय से पूर्व जमीन का बॅटवारा कराने हेतु लोगों को विस्तार जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला अपने पति से अलग रह रही है तो परिवार न्यायालय में परिवाद दाखिल कर भरण पोषण की मांग कर सकती है।
शिविर के दौरान उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र के जो प्रार्थना पत्र हैं उसका निस्तारण समय से जांच परख कर करें। गलत तरीके से किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र जारी न किया जाए इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि लेखपाल, अमीन, ग्राम सचिव अपने-अपने क्षेत्र के पात्र गरीब, असहाय लोगों को केंद्र एवं राज्य सरकार योजनाओं का लाभ प्रदान करने में अपना शत-प्रतिशत सहयोग प्रदान करे तथा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करें। इसके अतिरिक्त आजीविका मिशन एवं महिलाओं को सहायता समूह बनाने के बारें भी बताया गया।
इस दौरान तहसीलदार बलरामपुर सदर अवधेश कुमार द्वारा राजस्व अभिलेखों, शासन की योजनाओं एवं दस्तावेजों के पंजीयन जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि के बारें में जानकारी दी गयी। शिविर के दौरान ग्रामवासियों ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री, लेखपाल द्वारिका प्रसाद गुप्ता के कार्य व्यवहार, आचरण व अनिमितता के बाबत अवगत कराया गया।
शिविर के दौरान तहसीलदार बलरामपुर सदर, खण्ड विकास अधिकारी सदर, खण्ड विकास अधिकारी हर्रैया, जिला प्रोबेशन विभाग के जिला समन्वयक, ग्राम प्रधान, ग्रामवासी, जनता एवं न्यायाल के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त जिला कारागार बलरामपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया और निरुद्ध महिला एवं बन्दियों से उनकी समस्याओं के बारें में पूछताछ किया गया और भोजनालय का भी निरीक्षण किया गया। जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि मानके के अनुरूप बन्दियों को भोजन उपलब्ध कराएं।

