जनवाणी संवाददता |
मेरठ: पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के बढ़ते दामों को लेकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कमिश्नरी कार्यालय से लेकर कलक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने ज्ञापन देकर महंगाई कम किये जाने की मांग की।
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रदेश सचिव जीशान अहमद ने बताया कि भाजपा सरकार में महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि आम आदमी का घर चलाना मुश्किल हो गया है। पेट्रोल के दाम दिन-पर-दिन बढ़ते जा रहे हैं। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि यह सौ रुपये जल्द ही पार कर जाएंगे।
गैस सिलेंडर भी सात सौ से अधिक में मिल रहा है। डीजल के बढ़ते दामों को लेकर ट्रांसपोर्टर भी परेशान हैं। वह अपना व्यापार बंद करने का विचार कर रहे हैं अगर ऐसा हुआ तो रोजगार समाप्त हो जाएंगे। भाजपा सरकार एक विफल सरकार के रूप में सामने आ रही हैं। कार्यकर्ताओं ने एक ज्ञापन जिलाधिकारी के नाम सौंपा।

इस दौरान जिला अध्यक्ष विपिन चौधरी, सलीम अंसारी, अभिषेक गुर्जर, अज्जू, ऋषिपाल, स्नेहा, विकास, दीपक आदि मौजूद रहे। इसके अलावा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी ने भी बढ़ती महंगाई को लेकर एक ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपा।
उन्होंने दिये ज्ञापन में केन्द्र सरकार से पेट्रोल डीजल आदि पर लगाये गये टैक्स को कम करने की मांग की। पार्टी के जिला सचिव रजनीश कुमार ने कहा कि आर्थिक मंदी के कारण जनता दोहरी मार झेल रही है, लेकिन केन्द्र और प्रदेश की सरकार आंखे मूंदी बैठी हैं।
उन्होंने ज्ञापन देकर महंगाई कम किये जाने की मांग की। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, बिगड़ती कानून व्यवस्था को संभालने और महंगाई कम करने के लिये जन अधिकारी पार्टी ने भी एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान विजय कौशिक, नदीम, सरोज, राशिद आदि मौजूद रहे।
युवजन सभा ने महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया
बढ़ती महंगाई व गन्ना का रेट न बढ़ने के विरोध में सोमवार को सपा युवजन सभा ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस अवसर पर युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सम्राट मलिक के नेतृत्व में कार्यकर्ता सोमवार को महंगाई बढ़ने के विरोध में गन्ना व गैस सिलेंडर लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे।
इस मौके पर सम्राट मलिक ने कहा कि इस वक्त महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। डीजल-पेट्रोल से लेकर दाल-चीनी तक के दाम आसमान छू रहे है। लेकिन गन्ने के दाम में पिछले चार साल से कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। जबकि किसान की सभी जरुरत के सामान खाद, बीज, बिजली बिल व नहरी पानी की उगाही में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
इसके बावजूद सरकार ने तीन कृषि कानून लाकर किसानों को बर्बादी के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। यही नहीं चीनी मिलों द्वारा भी पिछले वर्ष का गन्ने का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। ऐसे में समाजवादी युवजन सभा सरकार से मांग करती है किसानों का गन्ना भुगतान मय ब्याज के कराया जाए और गन्ने के रेट बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
इस दौरान देवेश राणा, आशुतोष मलिक, सोहेब अली, महताब मूसा, अजमत अली, सोनू सिरोही, मानव ठाकुर, ओवैस पठान, मोहम्मद आकिब, अक्षय यादव व संजय यादव समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

