- पांच सितारा होटल बनाने की है योजना, बैठक में चर्चा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सालों से सिस्टम की उदासीनता का दंश झेल रहा थापर नगर पटेल नगर स्थित पुरुषोत्तम दास टंडन हिन्दी भवन के अच्छे दिनों के आने की आहट सुनाई देने लगी है। यदि सब कुछ ठीक रहा तो पशुओं के तबेले में तब्दील हो चुके हिन्दी भवन के अवैध कब्जे भी हटेंगे और उसको नई जिदंगी मिलेगी। जिंदगी भी ऐसी कि हिन्दी प्रेमी उस पर नाज कर सकेंगे। देश भर के साहित्यकार, शायर, कवि और साहित्य से प्रेम करने वालों का मेरठ या यूपी नहीं बल्कि देश का यह एक बड़ा ठिकाना साबित होगा। इसमें एक बड़ा हाल होगा जिसमें साहित्य की महफिलें सजा करेंगी।
दूरदराज से वाले साहित्यकारों के लिए ठहरने की एक अच्छी जगह होगी। इसी सब पर चर्चा के लिए हिन्दी भवन से प्रेम करने वाले सोमवार को पीएल शर्मा सभागार में जुटे। इस मौके पर अध्यक्षता अरुण जिंदल ने की। इनके अलावा एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, हैंडलूम वस्त्र व्यापारी संघ खंदक के प्रधान अंकुर गोयल, विनोद भारती, सुमनेश सुमन, सुबोध गर्ग, राम गोपाल गर्ग, दिनेश चंद जैन, मनमोहन भल्ला सरीखे साहित्य प्रेमी जमा हुए। सभी ने इसके लिए सहयोग का संकल्प लिया। सुबोध गर्ग ने बताया कि जो नया भवन बनाने का प्रस्ताव है। उसका पहले मानचित्र मेडा से स्वीकृत कराया जाएगा। उसके उपरांत वहां अन्य चीजें कराई जाएंगी।

