- मार्च में जमा कराया आवेदन फार्म, अभी तक नहीं बना प्रमाणपत्र
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की जड़े कितनी गहरी है, इसका उदाहरण है नगर निगम कार्यालय। यहां महीनों से लोग जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल चक्कर कटाए जा रहे हैं। आम जनता ने अपनी आप बीती सुनाते हुए निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी को इसके लिए जिम्मेदार बताया है। सोमवार को नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने वालों की खासी भीड़ नजर आई। जानकारी करने पर कुछ लोगों ने बताया कि वह पिछले कई महीनों से यहां प्रमाणपत्र बनवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जबकि सभी कागजात पूरे करने के बाद भी उन्हें हताशा ही हाथ लग रही है।
केस-1
सराय लालदास निवासी ब्रिजेश ने बताया उन्होंने बेटी रिया का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए गत 11 अप्रैल को आवेदन किया था। सभी तरह की कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद भी अभी तक उन्हें बेटी का जन्म प्रमाणपत्र नहीं मिला है। विभाग में जानकारी करने पर कोई भी सही जानकारी नहीं दे रहा है। ऐसे में उनकी बेटी को प्रमाणपत्र कब मिलेगा कुछ नहीं कहा जा सकता।
केस-2
किशनपुरा निवासी सुनील को बेटी अनाया को आधारकार्ड बनवाने के लिए जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत है। उन्होंने फरवरी में कचहरी में अप्लाई किया था। इसके बाद उनका अवेदन 14 मार्च को नगर निगम भेज दिया गया, लेकिन तब से लेकर अब तक वह लगातार नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी बेटी का जन्म प्रमाणपत्र नहीं बन सका है।
केस-3
रोहटा रोड निवासी सोनू शर्मा की सास ओमवती का मृत्यु प्रमाणपत्र बनना है। इसके लिए सोनू ने गत 30 मार्च को नगर निगम में आवेदन किया था, लेकिन चार माह से ज्यादा समय बीतने के बाद भी प्रमाणपत्र नहीं बना है। आवेदनकर्ता का कहना है कि जब भी मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय जाती है तो उन्हें कोई यह भी नहीं बताता कि किस वजह से प्रमाणपत्र नहीं बन रहा है।

