Tuesday, March 31, 2026
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शरीर झुलसा देने वाली गर्मी से लोगों को राहत का इंतजार

  • गर्मी से बचाव के लिए लोग एसी और कूलर का ले रहे सहारा

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: जून के महीने में गर्मी का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। दिन निकलते ही सूरज की तपिश के साथ गर्मी बढ़ जाती है और गर्मी बढ़ने के कारण लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। गर्मी से बचाव के लिए लोग एसी और कूलर का सहारा ले रहे हैं। अगर मौसम विशेषज्ञों की माने तो अभी गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। हालांकि मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है। लगातार पश्चिमी विक्षोभ में बदलाव होने के कारण मौसम में गर्मी का रुख अब भी बना हुआ है।

गर्मी बढ़ने के कारण लोगों को बीमार होने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सुबह से ही लोग गर्मी से बचाव के लिए अपने घरों में कैद हो जाते हैं। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डा. यूपी शाही का कहना है कि मौसम का रूख अभी गर्म बना रहेगा। जिसके चलते लोगों की परेशानी बढ़ेगी। इसलिए इस मौसम में बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

राजकीय मौसम वेधशाला पर शनिवार को दिन का अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया अधिकतम आर्द्रता 44 एवं न्यूनतम आर्द्रता 30% दर्ज की गई। हवा का रुख सुबह शांत रहा। शाम को 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंका गया है।

गर्मी में लगातार बढ़ रहा प्रदूषण

शहर में प्रदूषण का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। मेरठ में 177, बागपत में 184, मुजफ्फरनगर में 200, गाजियाबाद में 192, मेरठ के जयभीमनगर में 227, गंगानगर में 145, पल्लवपुरम में 158 दर्ज किया गया है। बढ़ती गर्मी के साथ प्रदूषण का प्रकोप भी लगातार बढ़ रहा है।

रह-रहकर बढ़ रहा एक्यूआई लेवल

मेरठ: बारिश नहीं होने पर एक्यूआई लेवल बढ़ गया हैं। गेहूं की कटाई के बाद से ही बारिश नहीं हुई हैं। आसमान साफ नहीं हैं। जो आंकड़े मौसम विभाग ने जारी किये हैं, उसमें महानगर के कई हिस्सों में एक्यूआई अचानक बढ़ गया हैं। इसकी वजह पश्चिमी विक्षोभ भी कहा जा रहा हैं। दो दिन पहले धूल भरी आंधी आई थी, इसके बाद बूंदाबांदी हुई, लेकिन बारिश नहीं पड़ी। इससे स्थिति और बिगड़ गई।

शहर की आबोहवा ठीक नहीं हैं तथा वायु प्रदूषण का लेवल चार गुना तक बढ़ गया हैं। बारिश होने के बाद ही आसमान की स्थिति साफ हो सकेगी, लेकिन दमा रोग से पीड़ितों को इस दौरान सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डेटा के अनुसार बुधवार को मेरठ का एक्यूआई लेवल 177 था, जयभीमनगर का 227, गंगानगर का 145 और पल्लवपुरम का 158 रहा। गुरुवार का एक्यूआई लेवल मेरठ का 154, जयभीमनगर का 191 रहा, तब ये घट गया था। गंगानगर का 142, पल्लवपुरम का 128 रहा। शुक्रवार का एक्यूआई लेवल मेरठ का 154, जयभीमनगर का 191, गंगानगर का 142 और पल्लवपुरम का 128 रहा।

शनिवार को मेरठ का एक्यूआई लेवल 177 रहा, जयभीमनगर का बढ़कर 227 पर पहुंच गया। गंगानगर का 145 पर पहुंच गया। इसी तरह से पल्लवपुरम भी 128 तक एक्यूआई लेवल पहुंच गया। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि एक्यूआई लेवल बारिश होने के बाद ही कम हो सकता हैं। क्योंकि आसमान में धूल का गुबार बना हुआ हैं। इसी वजह से एक्यूआई लेवल बढ़ रहा हैं।

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