- रोज 80 पैसे बढ़ाकर वाहन चालकों की जेब पर डाला जा रहा डाका
- डीजल के दाम पहुंचे 92.15, ट्रांसपोर्टर परेशान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चार राज्यों में विधान सभा चुनाव समाप्त होते ही तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में रिकार्ड बढ़ोतरी करके महंगाई को आसमान तक पहुंचाने के लिये रास्ता खोल दिया है। लगातार नौवें दिन पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाये गए। अब पेट्रोल की कीमत ने 100 का आंकड़ा पार कर लिया है। मंगलवार रात पेट्रोल की कीमत 100.60 रुपये प्रति लीटर और डीजल की 92.15 रुपये प्रति लीटर हो गई है। हैरानी की बात ये है कि इंटरनेशनल स्तर पर क्रूड आयल की कीमत गिर गई है।
21 मार्च को पेट्रोल की कीमत 95.27 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 86.78 रुपये प्रति लीटर थी। नौ दिन में पेट्रोल की कीमतों में 5.37 रुपये और डीजल की कीमतों में 5.35 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। तेल कंपनियों ने भाजपा सरकार को राजनीतिक लाभ दिलाने के लिये चार महीने तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाये थे।
जैसे ही मतगणना खत्म हुई तभी से सुगबुगाहट लगने लगी थी कि सरकार पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि जरूर करेगी। तेल कंपनियों ने रोज अस्सी पैसे बढ़ाने शुरू किये हैं। जहां तक इंटरनेशनल स्तर पर क्रूड आॅयल की कीमतों की बात है 130 डालर प्रति बैरल से गिरकर 110 डालर प्रति बैरल कीमत पहुंच गई है, लेकिन देश की तेल कंपनियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। डीजल के दाम बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे इससे महंगाई भी बढ़ेगी।

