जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: विख्यात धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कुरान एक मौजज़ा है, इसमें बदलाव की गुंजाइश नहीं है। सांप्रदायिक ताकतों की गोद में बैठकर कुरान की आयतों में तब्दीली की बात कहने वाले वसीम रिजवी को कब्रिस्तान में भी जगह नहीं मिलेगी।
विख्यात धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने शनिवार को अमरोली उर्फ बड़ागांव में आयोजित ताजियाती कार्यक्रम में खिताब करते हुए उन्होंने कहा कि कुरान आसमानी किताब और यह एक मौजज़ा है। इसमें तब्दीली की गुंजाइश नहीं है।कुरान में तब्दीली का अकीदा रखने वाला इस्लाम से खारिज है।
उन्होंने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी हमेशा सत्ता की गोद में बैठने के लिए गिरगिट की तरह रंग बदलता है। फितने फैलाने के लिए पहले वह आजम खान की गोद में बैठा, अब सांप्रदायिक ताकतों के साथ मिलकर फितना फैलाने की कोशिश कर रहा है। सांप्रदायिक ताकतों ने उसे मोहरा बनाकर कभी शिया-सुन्नी तो कभी हिंदू-मुस्लिम फसाद का प्रयास किया लेकिन उसकी साजिश कामयाब नहीं हुई।
शिया समाज द्वारा उसे किसी मजलिस में शामिल नहीं किया जाएगा। वसीम रिजवी को कब्रिस्तान में भी जगह नहीं दी जाएगी, कोई आलिम उसके जनाजे की नमाज नहीं पढ़ाएगा। अपनी नापाक हरकत से वह इस्लाम से खारिज़ हो गया है। मजलिस में उपस्थित जनसमूह ने मौलाना कल्बे जवाद की बातों का पुरजोर समर्थन किया।
मौके पर सपा नेता शाही अब्बास, नयाब प्रधान, तनकीब प्रधान, मिस्बा रिजवी, खुर्रम रिजवी, सैयद हादी, शहंशाह जफर, मुंतजार रिजवी आदि लोग मौजूद हैं।

