स्टेट ब्यूरो |
देहरादून : हिमाचल हाईकोर्ट की नसीहत के बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा
को अंतत पुलिस के पास पहुंचना ही पड़ा और उनसे करीब 4 घंटे से ज्यादा देर तक पूछताछ की गईl
जैसा कि सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है पूर्व आईएएस ने पुलिस को बताया कि उनका मोबाइल फोन खो गया है। पुलिस से इस मोबाइल से कुछ पुख्ता सबूत मिलने की उम्मीद थी।
उल्लेखनीय है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के छह विधायकों ने क्रास वोटिंग की थी। बाद में कुछ और वजहों से इन सभी की सदस्यता निरस्त कर दी गई थी। बागी विधायकों में उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा का बेटा भी शामिल था। बाद में राकेश शर्मा व अन्य के खिलाफ बालूगंज थाने में कांग्रेस सरकार को गिराने की साजिश रचने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। पुलिस ने इसकी जांच के लिए राकेश शर्मा को कई बार बुलाया पर वो गए नहीं और हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने पांच जुलाई को शर्मा को पुलिस के पास जाने का आदेश किया था।
राकेश शर्मा पुलिस के पास पहुंचे तो उनके लगभग चार घंटे तक पूछताछ की। पुलिस के शर्मा के मोबाइल से काफी पुछ पुख्ता सबूत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन राकेश शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका फोन कहीं गुम हो गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस अब उनके फोन का कॉल व अन्य डिलेट निकलवाने जा रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सकेl

