- तेजगढ़ी चौराहे के 100 मीटर दायरे में ट्रैफिक पुलिस का पहरा, तीन जगहों पर हो रही वसूली
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इस वक्त होमगार्ड के कंधों पर चल रही है। तेजगढ़ी, हापुड़ अड्डा व कमिश्नरी चौराहे समेत अन्य मुख्य चौराहों पर होमगार्ड के जवान ही यातायात व्यवस्था बनाने में लगे रहते है। जबकि ट्रैफिक पुलिसकर्मी चौराहे को छोड़कर आसपास में खड़े होकर वाहन चालकों से चैकिंग के नाम पर वसूली करने में मस्त रहते है। तेजगढ़ी चौराहे के हालात तो ऐसे है कि 100 मीटर के दायरे में ही ट्रैफिककर्मी तीन जगहों पर खड़े होकर वसूली कर है।
ट्रैफिक पुलिस द्वारा इस तरह की जा रही वसूली का मामला उच्चाधिकारियों के सामने कई उठ चुका है। यही नहीं भाजपा नेता भी इस वक्त पुलिस की इस वसूली की शिकायत डीजीपी से लेकर प्रभारी मंत्री तक कर चुके है, लेकिन इसके बावजूद ट्रैफिक पुलिस का यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

ट्रैफिक पुलिस के हौसले इस कदर बढ़ चुके है कि डीजीपी के आदेश भी उनके लिए कोई मायने नहीं रखते है। यही नहीं शहर के उच्चाधिकारियों के बार-बार चेतावनी देने के बाद भी यातायात पुलिस वसूली करने में व्यस्त रहती है। पुलिस पहले वाहन चालकों पर मोटी रकम का चालान काटने का दबाव बनाती है और बाद में अपनी जेब गर्म करने के बाद उन्हें बिना चालान काटे ही छोड़ देते है।
ऐसा ही एक मामला बुधवार को फुटबाल चौराहे पर देखने को मिला। जहां पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने एक कार चालक को रोककर उसकी तलाशी ली और फिर पॉल्यूशन की फीस जमा न होने पर उसका 10 हजार रुपये का चालान काटने की बात कही। कार चालक व ट्रैफिककर्मी के बीच काफी देर तक चली सौदेबाजी के बाद उनका 500 रुपये में समझौता हो गया। जिसके बाद पुलिस ने बिना किसी कार्रवाई के ही कार चालक को छोड़ दिया।

