Friday, March 20, 2026
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फिर से बढ़ने लगा प्रदूषण

  • चिंता: हालात हो जाएंगे और भी अधिक विकट

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: गन्ने के कोल्हू और क्रेशर के चलने के बाद से प्रदूषण में इजाफा होना लाजिमी है। हालांकि अगर प्रदूषण के आंकड़े देखे जाए तो वेस्ट यूपी के जनपदों को प्रदूषण ने फिर से अपनी आगोश में ले लिया। वेस्ट यूपी के जनपदों में फिर से प्रदूषण का प्रकोप फैल गया है।

नवंबर के महीने में प्रदूषण विभाग के वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस महीने में प्रदूषण बढ़ेगा और लोगों का सांस लेना दुभर हो जाएगा। वेस्ट यूपी में अमूमन प्रदूषण की मात्रा अक्टूबर और नवंबर के महीने में बढ़ती है, लेकिन इस बार अक्टूबर में ही प्रदूषण की मात्रा बढ़ी है। गन्ने के कोल्हू और क्रेशर के बाद अब पराली जलाने का भी खेल शुरू होगा।

क्योंकि इससे नवंबर के महीने में प्रदूषण की मात्रा अच्छी खासी बढ़ेगी। जिस तरह से प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। उससे साफ जाहिर हो रहा है कि अब लोगों को सांस लेना दुभर हो जाएगा। हालांकि मेरठ शहर को देश का सबसे दूषित तीसरा शहर घोषित किया गया है, लेकिन मेरठ के अलावा अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है।

ऐसे में लोगों के चेहरे पर सिकन भी नजर आने लगी है। वहीं, इस संबंध में प्रदूषण अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि प्रदूषण में इजाफा होना इन दिनों में अमूमन बात है। हालांकि इस प्रदूषण की रोकथाम के लिए विभाग द्वारा बेहद सतर्कता बरती जा रही है और उस पर काम किया जा रहा है, लेकिन सर्दी के सीजन में कोल्हू, क्रेशर और मिलों का चलना भी प्रदूषण में इजाफा करता है। इसलिए इस प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी को जागरुक होना पड़ेगा।

ग्रेप सिस्टम भी हुआ धड़ाम

एनजीटी द्वारा प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेप सिस्टम लागू किया गया था। इस सिस्टम में 32 सरकारी विभागों को शामिल किया गया था, लेकिन प्रदूषण विभाग ही इस ओर काम कर रहा है। अन्य विभाग कोई भी इसमें काम नही कर रहा है। इसलिए यह ग्रेप सिस्टम भी सिर्फ कागजों पर ही देखा जा रहा है।

वेस्ट के जनपदों में प्रदूषण

मेरठ 251

नोएडा 374

हापुड़ 337

बुलदंशहर 304

मेरठ में प्रदूषण स्तर

गंगानगर 258

जयभीमनगर 228

पल्लवपुरम 267

मौसम बदलने से बढ़ रहा डेंगू का असर

मौसम में धीरे-धीरे बदलाव हो रहा है। बदलाव होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बदलता मौसम लोगों को डेंगू की बीमारी की ओर धकेल रहा है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसलिए बुजुर्गों और बच्चों को बेहद सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि इस बदलते मौसम में सबसे ज्यादा असर इन पर ही पड़ेगा और बार-बार बीमारी की चपेट में आते रहेंगे।

अभी सुबह और शाम में ठंड बढ़ी है। राजकीय मौसम वैधशाला पर सोमवार को दिन का अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री सेल्स्यिस दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता 94 एवं न्यूनतम आर्द्रता 49 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि मौसम में अभी बदलाव जारी रहेगा। नवंबर के महीने में ठंड में इजाफा होगा।

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