- मात्र ₹70 की फीस में बायोमेट्रिक से हो जाएगा उपलब्ध
जनवाणी सवंददाता |
मेरठ: वर्तमान समय में जीवन प्रमाण पत्र बनवाने में हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार द्वारा डाक विभाग को यह योजना भी भेज दी गई है। जिसके कि अब घर बैठे ही डाक विभाग डिजिटल तरीके से जीवन प्रमाण-पत्र उपलब्ध हो कराएगा। यह जानकारी मुजफ्फरनगर एवं मेरठ मड़ल प्रवर डाक अधीक्षक वीर सिंह ने दी।

इस योजना का शुभारंभ डाक विभाग द्वारा बुधवार को किया गया। जिसमें डाक विभाग से रिटायर्ड अधिकारी एवं भारत पब्लिक कसेरू बक्सर के चेयरमैन श्रीकिशन शर्मा को जीवन प्रमाण पत्र की प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया।
डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर हरीश कुमार एवं डिप्टी पोस्टमास्टर रतन सिंह ने बताया कि सीनियर सिटीजन को जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। डाक विभाग एवं पोस्टमैन के माध्यम से ही घर बैठै जीवन प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा।
क्या है जीवन प्रमाण-पत्र
रिटायरमेंट के बाद पेंशनरों को बैंक या पोस्ट ऑफिस ( जहां से उनके पेंशन का भुगतान होता है) को एक जीवन प्रमाण देना होता है। जिसके बाद उनके पेंशन का भुगतान किया जाता है। यह प्रमाण देने हेतु उन्हें बैंक या पोस्ट ऑफिस के समक्ष ख़ुद को प्रस्तुत कर दस्तखत देने होते हैं। पेंशनरों को ख़ुद बैंक या पोस्ट ऑफिस के समक्ष प्रस्तुत होना पड़ता है। जिससे समय एवं कागज़ों की बर्बादी होती है। इस सुविधा को डाक विभाग के कर्मचारी घर बैठे बायोमेट्रिक के माध्यम से डिजिटल रूप में पहुंचाएंगे। जीवन प्रमाण (Digital Life Certificate) द्वारा, जिसमें कोई भी केंद्र, राज्य या अन्य कोई भी सरकारी कर्मचारी इसकी सुविधा ले सकते हैं।
70 रूपए तक मिलेगी सुविधा
ग्राहक से रू 70 (कर सहित) लिए जाएंगे। यह सुविधा IPPB एवम् गैर IPPB खाता धारक, दोनों के लिए है।
इन कागजों की पड़ेगी आवश्यकता
जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आधार नंबर, मोबाइल नंबर, आधार नंबर ग्राहक के पेंशन भुगतान एजेंसी (बैंक या पोस्ट ऑफिस) के पास रजिस्टर्ड होना चाहिए। PPO नंबर, खाता नंबर (जिसमें पेंशन का भुगतान होता है) आज ही नजदीकी उपडाकघर, शाखा डाकघर से संपर्क करें।

