- आयुक्त सभागार में कृषक उत्पादक संगठनों के सुदृढ़ीकरण एवं निर्यात प्रोत्साहन के लिए कृषि कार्यशाला का आयोजन
जनवाणी संवाददाता
मेरठ: कृषक उत्पादक संगठनों के सुदृढ़ीकरण एवं निर्यात प्रोत्साहन के लिए कार्यशाला का आयोजन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयुक्त सेल्वा कुमारी जे की अध्यक्षता में किया गया। कार्यशाला में मंडल में गठित कृषक उत्पादक संगठन के सीईओ/चेयरमैन/निदेशक एवं कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अधिकारीगणों व एवोक इंंिडया फाउंडेशन के प्रतिनिधि, बासमती निर्यात प्रतिष्ठान के प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा एवं निर्यात कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव कृषि डा. देवेश चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश शासन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से योजनाओं में कृषक उत्पादक संगठन को आने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए।
जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड गाजियाबाद एवं मेरठ की ओर से कृषक उत्पादक संगठनों के गठन, संरचना एवं दिये जाने वाले अनुदान आदि के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। एवोक इंडिया फाउंडेशन के डा. प्रवीण कुमार द्विवेदी एवं कु. मानसी ने कृषक उत्पादक संगठनों के नाम गतिविधियों, बिजनेस प्लान एवं सीईओ/निदेशकों के कार्यों, दायित्वों एवं अधिकारी के विषय में अवगत कराया गया।
बासमती निर्यात प्रतिष्ठान के प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से निर्यात की सम्भावनाओं एवं भविष्य के विषय में जानकारी दी। बासमती धान निर्यात के लिए कीटनाशी एवं उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने का सुझाव कृषकों को दिया गया। निर्यात कम्पनी केआरबीएल के प्रतिनिधि मधुसुधन भारद्वाज एग्रो इंडिया के रोहित शर्मा व दीपक तोमर निर्यात की ओर से गुड़, चावल एवं अन्य कृषि उत्पादों निर्यात के लिए कृषक उत्पादक संगठनों को सहयोग प्रदान करने का आश्वासन देते हुए अवगत कराया गया।
आयुक्त सेल्वा कुमारी जे. ने कृषक उत्पादक संगठनों को बाजार की जरूरत के अनुसार प्लान करने का सुझाव दिया। कृषकों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधकरण को अपनाने पर बल दिया। सभी कृषि एवं सम्बद्ध विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर कृषक उत्पादक संगठनों को दिया जाए। अपर मुख्य सचिव कृषि ने अपने वर्चुअल सम्बोधन में अवगत कराया कि उप्र राज्य का गेहूं दुध एवं आलू उत्पादन में प्रथम स्थान है, जबकि धान उत्पादन में प्रदेश द्वितीय स्थान पर है।
मेरठ मंडल एनसीआर क्षेत्र में होने के कारण यहां से कृषि उत्पादों के निर्यात की अपार सम्भावनाएं हैं। जिन्हें कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से साकार किया जा सकता है। आयुक्त ने कृषक उत्पादक संगठनों में अधिक से अधिक कृषकों को जोड़ने, सभी एफपीओ को 30 नवम्बर तक यूपी शक्ति पोर्टल पर पंजीकृत कराने, वाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से सभी एफपीओ और उनके सदस्यों को जोड़ने एवं सम्बन्धित योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर एफपीओ को देने के निर्देश दिए।
कार्यशाला का संचालन डा. अमरनाथ मिश्रा संयुक्त कृषि निदेशक मेरठ मंडल मेरठ ने किया। सभी एफपीओ पदाधिकारियों, कृषि एवं सम्बद्ध विभागों के अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों, निर्यातकों का बैठक में प्रतिभाग करने के लिए आभार व्यक्त किया गया।

