जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: रेल परिचालन को गति प्रदान करने एवं खंड में प्रचलित संरक्षा मानकों का अवलोकन करने के उद्देश्य से आज प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी,पश्चिम मध्य रेलवे ओ.पी तंवर एवं पश्चिम मध्य रेलवे के अन्य उच्चाधिकारियों ने उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के अन्य अधिकारियों के साथ अंतर्रेलवे संरक्षा ऑडिट कार्यक्रम के तहत मंडल के लखनऊ-कानपुर रेलखंड का गहनतापूर्वक निरीक्षण किया गया एवं इस रेलखंड पर संरक्षा से जुड़ी समस्त कार्यप्रणाली तथा अन्य संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का विधिवत जायजा लिया गया।
इस निर्धारित कार्यक्रम के तहत चारबाग़ रेलवे स्टेशन पर सर्वप्रथम मंडल रेल प्रबंधक, सुरेश कुमार सपरा द्वारा प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी एवं उनके साथ आये अन्य उच्चाधिकारियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात इस निरीक्षण का प्रारम्भ चारबाग़ रेलवे स्टेशन से किया गया एवं इस संयुक्त टीम ने स्टेशन पर पैनल रूप में पहुंचकर वहां की कार्यपद्धति का अवलोकन किया तथा दुर्घटना राहत यान.दुर्घटना चिकित्सा राहत यान इत्यादि का विधिवत निरीक्षण किया साथ ही लोको पायलेट एवं ट्रेन मैनेजर रनिंग रूम में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं और स्टाफ को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं एवं खान पान की व्यवस्था को भलीभांति परखा तथा इस सम्बन्ध में प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने अपने आवश्यक सुझाव एवं निर्देश पारित किये।
निरीक्षण के अगले चरण में प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने लखनऊ-कानपुर रेल खण्ड का यान की पिछली खिड़की (विंडो ट्रेलिंग) द्वारा निरीक्षण करते हुए संरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का सूक्ष्मता से जायजा लिया एवं उक्त रेलखंड के मध्य आने वाले स्टेशनों, खंडों और पुलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के निरीक्षण के साथ-साथ रेल संरक्षा से जुड़े उपकरणों का भी गहन निरीक्षण किया।
उन्होंने मानकनगर रेलवे स्टेशन, यार्ड, लेवल क्रासिंग संख्या 5/C को परखा एवं अमौसी-पिपरसंड के मध्य स्थित नॉन इंटरलॉक्ड लेवल क्रासिंग संख्या 9/C का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर कार्यरत गेटमैन आनंद सिंह को उनकी उत्तम कार्यप्रणाली हेतु पुरुस्कृत कर उत्साहवर्धन किया।
साथ ही उन्नाव स्टेशन पर पहुंचकर स्टेशन एवं इसके पूर्वी यार्ड का गहनता से निरीक्षण किया तदोपरांत कानपुर पुल बायां किनारा व कानपुर सेंट्रल के मध्य स्थित गंगा नदी पर बने पुल का सघन निरीक्षण किया तथा उनके अनुरक्षण से जुड़े कर्मचारियों के ज्ञान की परख की साथ ही उक्त रेलखंड के मध्य आने वाले स्टेशनों, खंडों और पुलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के निरीक्षण के साथ-साथ रेल संरक्षा से जुड़े उपकरणों का भी गहन निरीक्षण किया तथा इस सभी कार्यों की समीक्षा करते हुए अपने आवश्यक सुझाव एवं निर्देश पारित किये।
प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी ने इस दौरान स्टेशन पर उपलब्ध संरक्षा अभिलेखों व संरक्षा के प्रति कर्मचारियों का ज्ञान, स्टेशन की कार्य प्रणाली के अलावा चल रहे विकासशील कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संरक्षा को रेलसेवा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिंदु बताते हुए संरक्षा सेवा से जुड़े समस्त कर्मचारियों का आवाहन करते हुए उनको संरक्षा संबंधी समस्त निर्धारित मानकों के साथ नियमानुसार पूर्ण निष्ठा एवं सतर्कता और जागरूकता बरतते हुए रेल संचालन की अपेक्षा की। आज के इस निरीक्षण में अपर मंडल रेल प्रबंधक, अश्विनी श्रीवास्तव सहित मंडल के अन्य विभागाध्यक्ष तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

