Thursday, March 19, 2026
- Advertisement -

पूर्व नगर स्वास्थ्य अधिकारी समेत कई कर्मचारियों की बढ़ी मुसीबत

  • न्यायालय में मुकदमें की सुनवाई के दौरान लिपिक राजेश को पत्रावली करनी होगी पेश
  • हरिकांत अहलूवालिया की पूर्व पंचवषीय योजना के समय से जुड़ा है पूरा मामला

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम में करीब सात वर्ष पूर्व स्वास्थय विभाग के रिकार्ड में गड़बड़ी के मामले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है, जिसके बाद मामले से जुडेÞ आरोपियों की हार्टबीट फिर से बढ़ गई है। हालांकि इस मामले के वादी तत्कालीन प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी कुंवरसेन की सेवानिवृति के बाद मृत्यु हो गई थी, लेकिन मामला कोर्ट में चला गया तो अब कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। इस मामले में तत्कालीन नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह के खिलाफ तत्कालीन नगरायुक्त मनोज चौहान की संस्तुति पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।

नगर निगम में आउटसोर्स पर कार्य करने वाले 2215 सफाई कर्मियों के अनुबंध की मूल पत्रावली वर्ष 2016 में गायब होने के मामले ने उस समय तूल पकड़ा तो पूर्व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह व संबंधित लिपिक पर रिकार्ड में छेड़छाड़ समेत कई आरोप प्रत्यारोप लगाए गए, जिसमें तत्कालीन नगरायुक्त मनोज चौहान की संस्तुति पर पूर्व नगर स्वास्थ्य अधिकारी (स्व.) कुंवर सेन को डा. प्रेम सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करानी पड़ी, जिसके बाद डा. प्रेम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया गया था।

मामला जांच में प्रकाश में आया था कि निगम प्रशासन ने शहर में सफाई कार्य के लिए पूर्व में जो अनुबंध चार नवंबर 2015 को अलकनंदा कंपनी से अनुबंध किया था। उसमें 31 मार्च 2016 तक निगम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी की सीट पर पर डा. प्रेम सिंह तैनात थे, जिसमें डा. प्रेम सिंह के वर्ष 2017 में कासगंज में ट्रांसफर के बाद डा. आरएस चौहान और उसके बाद डा. कुंवरसेन पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी का चार्ज रहा, जिसके आठ माह बाद सफाई अनुबंध की फाइल से मूल पत्रावली गायब होने का मामला प्रकाश में आया तो मामले में जांच बैठा दी गई थी। जिसमें पूर्व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह और कंपनी मालिक के बीच विवाद ओर सेटिंग की परत खुली।

जिसमें पत्रावली गायब होने की जानकारी पहले से ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी और लिपिक राजेश को होने की बात सामने आई। जिसको लिपिक राजेश व डा. प्रेम सिंह के द्वारा दबाए बैठे होने का मामला प्रकाश में आया। जिसमें पूर्व नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. प्रेम सिंह भी आरोप लगा कि फोटो कॉपी की फाइल पर ही सफाईकर्मियों का वेतन स्वीकृत करते रहे। डा. प्रेम सिंह ने निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगाना शुरू कर दिया था। वहीं, निगम अधिकारी और लिपिक ने फाइल से पत्रावली गायब होने के लिए डा. प्रेम सिंह को जिम्मेदार ठहराना शुरू कर दिया गया था।

जिसमें डा. प्रेम ने बताया था कि अलकनंदा से अनुबंध की मूल पत्रावली वाली फाइल नहीं दी गई। वहीं, लिपिक नगर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राजेश कुमार कुमार ने इस मामले की जानकारी अधिकारियों को देने की बात कही थी। उस दौरान डा. पे्रेम सिंह ने कहा था कि फाइल रखने की जिम्मेदारी लिपिक की होती है। ट्रांसफर के आठ माह बाद फाइल गुम होने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया, जिसमें कंपनी को गलत तरीके से ठेका संचालन में निगम अफसरों का पूरा हाथ होने का भी आरोप लगाया था।

कैसे खुला था निगम में पत्रावली में छेड़छाड़ एवं उसे गायब करने का पूरा मामला

यह पूरा मामला तब खुला था निगम के वार्ड 64 तिलक जोन में कार्य करने वाले सफाई कर्मचारी रंजीत पुत्र भगत सिंह की सेवा पुस्तिका में जन्मतिथि में गड़बड़ी कर दिए जाने की शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच शुरू हुई तब जाकर यह पूरा मामला पकड़ में आया था, जिसके बाद तत्कालीन नगरायुक्त मनोज चौहान की संस्तुति पर तत्कालीन नगर स्वास्थ्य प्रभारी (स्व.) कुंवरसेन ने डा. प्रेमसिंह के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया था।

वह मामला मुकदमा दर्ज होने के बाद ठंडे बस्ते में चला गया था। अब वह मामला उच्च न्यायालय में शुरू हुआ तो पुलिस ने नगर निगम के अधिकारियों से शुक्रवार 2023 को फिर से संपर्क साधा। जिसमें उस समय एवं वर्तमान लिपिक राजेश व अन्य को इस मामले की जिस दिन कोर्ट में सुनवाई होगी उस दिन पत्रावली एवं साक्ष्य के साथ उपस्थित होने की बात कही है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

अब घबराने का समय आ गया है

हमारे देश में जनता के घबराने का असली कारण...

विनाश के बीच लुप्त होतीं संवेदनाएं

जब विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण के सहारे मानव सभ्यता...

ऊर्जा संकट से इकोनॉमी पर दबाव

वैश्विक अर्थव्यवस्था में जब भी ऊर्जा संकट गहराता है,...

Navratri Fasting Rules: नौ दिन के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, सेहत हो सकती है खराब

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Saharanpur News: राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति सम्मान

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: चमनलाल महाविद्यालय में आयोजित 7वें उत्तराखण्ड...
spot_imgspot_img