Sunday, February 25, 2024
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जनप्रतिनिधि और अधिकारी मिलकर विकास को दें प्राथमिकता: गौरव चौधरी

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  • 54.24 करोड़ रुपये की आय में छह करोड़ के लाभ का बजट
  • जिला पंचायत बोर्ड बैठक में 2024-25 के लिए 47.79 करोड़ के खर्च का प्रावधान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आज सोमवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 54.24 करोड़ रुपये की आय और 47.79 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का अनुमान लगाया गया है। यह बजट 6 करोड़ रुपये से अधिक के लाभ का बताया गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने जनप्रतिनिधि और अधिकारियों से मिलकर जनपद के विकास को प्राथमिकता दिए जाने पर बल दिया।

जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई बैठक के दौरान राज्य मंत्री दिनेश खटीक, पूर्व मंत्री किठौर विधायक शाहिद मंजूर के साथ सीडीओ और एसपी देहात आदि मंचासीन रहे। अपर मुख्य अधिकारी भारती धामा ने बैठक का एजेंडा पढ़कर सुनाया। उन्होंने अवगत कराया की वर्ष 2023-24 का पुनरीक्षित बजट 48 करोड़ 82 लाख 20 हजार रुपये रहा है। जबकि वर्ष 2024-25 में आय का मूल बजट 54.24 करोड़ से कुछ अधिक प्रस्तावित है।

इसके सापेक्ष वर्ष 2024-25 में 47.79 करोड़ 50 हजार रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया है। नए बजट की आय के पक्ष में 6.06 करोड़ रुपया पिछले वर्ष का शेष बताया गया है। आगामी वित्तीय वर्ष में होने वाली मुख्य आय स्रोत के विषय में 15वां वित्त आयोग टाइड-अनटाइड, पंचम राज्य वित्त पेंशन, पंचम राज्य वित्त निर्माण, चतुर्थ राज्य वित्त आयोग, 13वां वित्त आदि का उल्लेख किया गया है। जिसमें 40.40 करोड़ रुपया प्राप्त होना दर्शाया गया है। वहीं जिला निधि से होने वाली आय का उल्लेख 7.77 करोड़ रुपये किया गया है।

आगामी वित्तीय वर्ष में 40.40 करोड़ रुपये विभिन्न निर्माण कार्यों में खर्च होने के बाद दर्शी गई है वहीं अधिकारियों कर्मचारियों के वेतन, महंगाई भत्ता, चिकित्सा, यात्रा भत्ता, आकस्मिक व्यय, मेला मखदुमपुर, कावड़ मेला आदि मुख्य खर्चों को मिलाकर 47.79 करोड़ 50 हजार रुपये का खर्च होना प्रस्तावित है।

यह कुल होने वाली 54.24 करोड़ की आय के सापेक्ष 6.45 करोड़ रुपये के लाभ का बजट लाया गया है। बैठक के दौरान विभव एवं संपत्ति कर को लेकर एक प्रस्ताव रखा गया है। जिसमें इतिहास क्षेत्र में स्थापित प्रतिष्ठानों से वार्षिक शुल्क 900 से लेकर 6000 रुपये तक ले जाने का प्रावधान किया गया है।

हालांकि कई सदस्यों में इसे बहुत ही कम बताया। उनका कहना था कि देहात क्षेत्र में स्थापित बड़े प्रतिष्ठानों पर एक से डेढ़ लाख रुपये वार्षिक कर लगाया जाना चाहिए। बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने कहा कि सदन के सभी सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को मिलकर जिले के विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।

तभी मेरठ जनपद एक आदर्श बन पाएगा। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की, कि वे जनप्रतिनिधियों के साथ तालमेल बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी अपेक्षा की, कि ग्राम प्रधानों से लेकर समस्त जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा, और समाधान किया जाएगा।

जिला पंचायत सदस्यों में रखे विभिन्न प्रस्ताव
बोर्ड बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्यों ने सदन के समक्ष विभिन्न प्रस्ताव रखे। जिनमें कहा गया कि छोटा मवाना में स्थित डाक बंगले में कोचिंग सेंटर स्थापित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में कॉलेज पर प्लास्टिक जलाकर प्रदूषण फैलाई जा रहा है। जिसको लेकर सदन में सख्त रवैया अपनाया गया।

राज्य मंत्री दिनेश खटीक और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने प्रदूषण अधिकारी से तत्काल ऐसे कोल्हुओं पर सील लगाने के निर्देश दिए। गन्ना विभाग के माध्यम से बनने वाली सड़कों के बारे में जानकारी ली गई जिला गन्ना अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी ने बताया कि मेरठ जनपद में 511 सड़कें हैं। जिनमें से 50 की मरम्मत और निर्माण का कार्य शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा गया है।

परीक्षितगढ़ देहात क्षेत्र में स्थित एक प्राइमरी विद्यालय में 35 साल से बिजली का कनेक्शन न होने के बारे में सदस्य ने सदन को अवगत कराया इसके बारे में राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि वह प्रस्ताव बना कर दें। यह कार्य वे अपनी विधायक निधि से कराएंगे। जिला पंचायत सदस्य सम्राट चौधरी ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने की मांग जिला पंचायत बोर्ड बैठक के दौरान प्रमुखता से उठाई।

पाइप लाइन के लिए सड़क काट देते हैं, बनाते नहीं
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में कई सदस्यों ने एक मुद्दा प्रमुखता से उठाया जिसमें कहा गया कि ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल परियोजना के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को काट दिया जाता है लेकिन काटी और खोजी गई सड़क को पहले जैसी बनाने का काम कोई विभाग नहीं कर रहा है जिसको लेकर सदन में चिंता प्रकट की गई पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर ने भी इस मामले को प्रमुखता से उठाया उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित विभाग की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होनी चाहिए।

नई बैठक में आए नए मुद्दे: दिनेश खटीक
राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने जिला पंचायत बोर्ड बैठक में कहा कि गांव-गलियों के विकास से ही देश का विकास होता है अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर गांव और गलियों के विकास को प्राथमिकता दें उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुने सम्मानजनक व्यवहार करें और समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें उन्होंने इस बात पर बोल दिया कि नहीं बैठक में नए मुद्दे आने चाहिए।

अगर किसी सदस्य के माध्यम से पुराने मुद्दे या समस्याओं को दोबारा उठाया जाता है, तो इसका अर्थ यह माना जाएगा, कि उसे मुद्दे और समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया है। उन्होंने सदस्यों की इस बात से सहमति जताई की बहुत सारी सड़क बदहाल हो गई हैं। थानों में कुछ जगह रवैया में सुधार की जरूरत है। यह एक जिला पंचायत सदस्य ने को लोगों में प्लास्टिक जलाए जाने का मुद्दा उठाया।

जिसको गंभीरता से लेते हुए राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने प्रदूषण अधिकारी को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऐसा करने वाले को लोगों पर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही, क्या उनसे पैसे बंधे हुए हैं। उनके सवाल का प्रदूषण अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं था। उन्होंने बस इतना कहा कि संज्ञान ले रहे हैं।

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